नासिक: महाराष्ट्र के नासिक-हरसुल मार्ग पर स्थित कश्यपी बांध में डूबने से एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक पति-पत्नी और उनके पड़ोसी के दो बच्चे शामिल हैं। हालांकि, एक स्थानीय महिला की सूझबूझ और बहादुरी के कारण दो साल की एक मासूम बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया।
मृतकों की हुई पहचान
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान कर ली गई है:
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सचिन कैलाश थोंबरे (32): नासिक के रहने वाले एक सिविल इंजीनियर।
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रोहिणी थोंबरे: सचिन की गर्भवती पत्नी।
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केतन अनिल पवार (16) और कौशल्या अनिल पवार (14): सचिन के पड़ोस में रहने वाले दो सगे भाई-बहन।
स्थानीय महिला बनी देवदूत, बची बच्ची की जान
यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था, लेकिन बांध के पास रहने वाली संगीता घाडगे नाम की महिला इस मासूम बच्ची के लिए देवदूत बनकर आईं। संगीता ने बांध के किनारे दो साल की एक बच्ची को अकेले रोते हुए देखा। बच्ची लगातार पानी की तरफ इशारा कर रही थी और रोते-रोते बांध के गहरे पानी की ओर बढ़ रही थी।
खतरे को भांपते हुए संगीता तुरंत दौड़कर उस जगह पहुंचीं और बच्ची को अपनी गोद में उठा लिया। समय पर मिली इस मदद की वजह से बच्ची की जान सुरक्षित बच सकी। इस हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

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