पिता की हत्या के आरोपी बेटे ने पुलिस को देख मंदिर की छत से लगाई छलांग

बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में सगे पिता की कनपटी पर तमंचा रखकर जान लेने वाले कलयुगी बेटे का पुलिस के साथ चल रहा लुका-छिपी का खेल आखिरकार खत्म हो गया है। करीब पांच हफ्तों (35 दिन) तक पुलिस टीम को चकमा देने वाला यह शातिर अपराधी कभी बावनगजा की दुर्गम पहाड़ियों में शरण लेता था, तो कभी आमलाली के बीहड़ों और घने जंगलों में जा छिपता था। पकड़े जाने के डर से वह दिन के उजाले में सुनसान धार्मिक स्थलों या निर्जन स्थानों पर दुबका रहता था और केवल रात के अंधेरे में ही अपनी मांद से बाहर आता था।

जंगलों में नमक-बाटी जैसी सूखी रोटियां खाकर फरारी काट रहा यह आरोपी कानून की नजरों से तो भाग रहा था, लेकिन सोशल मीडिया पर लगातार एक्टिव था। वह इंस्टाग्राम के जरिए अपने ही परिवार के अन्य सदस्यों को जान से मारने की लगातार धमकियां भेज रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर रविवार को पुलिस घेराबंदी कर इस इनामी बदमाश को दबोच लिया।

पिता की हत्या कर जंगल भागा था आरोपी, सिर पर था इनाम

यह खौफनाक वारदात 20 अप्रैल 2026 को घटित हुई थी। बड़वानी के ग्राम पीछोड़ी के रहने वाले 35 वर्षीय चंदन बड़ोले का अपने पिता जगन बड़ोले से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उसने तैश में आकर पिता को गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद वह पास के जंगली इलाकों की तरफ रफूचक्कर हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान (SP) पद्मविलोचन शुक्ल के मार्गदर्शन में एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया था और आरोपी की सूचना देने वाले पर 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार भी घोषित किया गया था।

क्राइम सीन से 10 किमी दूर बना रखा था सीक्रेट बंकर

पुलिसिया तफ्तीश में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि आरोपी चंदन ने मर्डर की वारदात को अंजाम देने से पहले ही भागने का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया था। उसने घटनास्थल से तकरीबन 10 किलोमीटर दूर घने जंगल के भीतर अपना एक खुफिया ठिकाना बना रखा था, जहां उसने फरारी के दौरान काम आने वाला राशन और जरूरी सामान पहले से ही डंप कर दिया था। वारदात के अगले दिन यानी 21 अप्रैल को जब पुलिस की सुरागरासी टीम वहां पहुंची, तो वह ऊंचे पहाड़ों और झाड़ियों की ओट लेकर भागने में सफल रहा था।

पीड़ित परिवार को सोशल मीडिया पर दी धमकियां

फरार रहने के दौरान भी आरोपी के सिर से खून सवार था। उसने इंस्टाग्राम अकाउंट का इस्तेमाल कर अपने परिवार वालों को केस वापस न लेने पर भुगत लेने की धमकियां देना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने एहतियात बरतने के लिए पीड़ित परिवार के घर पर चौबीस घंटे का कड़ा पहरा (पुलिस प्रोटेक्शन) लगा दिया था। रविवार को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपी आमलाली के जंगलों में स्थित एक पुराने मंदिर के आसपास देखा गया है, जिसके बाद पुलिस बल ने पूरे इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया।

भागने के चक्कर में छत से लगा दी छलांग, दोनों पैर फ्रैक्चर

खुद को पुलिस की बंदूकों के सामने घिरा देख आरोपी चंदन ने बचने का आखिरी प्रयास किया और वह मंदिर की छत पर चढ़ गया। पुलिसकर्मियों को पास आता देख उसने वहां से नीचे छलांग लगा दी। इस ऊंची कूद के कारण उसके दोनों पैर बुरी तरह फ्रैक्चर (टूट) हो गए, जिसके बाद घेराबंदी कर रहे जवानों ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।

2 लाख रुपये की डिमांड पूरी न होने पर की थी हत्या

पुलिस पूछताछ में पारिवारिक विवाद की मुख्य वजह सामने आई है। आरोपी की पत्नी उससे अलग रह रही थी, जबकि उसकी बेटी अपने दादा-दादी के पास ही रहती थी। घर में पैतृक जमीन और रुपयों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। परिजनों ने बताया कि चंदन अपने पिता जगन पर बार-बार दो लाख रुपये नकद देने का दबाव बना रहा था। घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर बाप-बेटे में तीखी बहस हुई थी। इसी दौरान गुस्से से तमतमाए चंदन ने जेब से पिस्तौल निकाली, पिता की कनपटी पर सटाई और ट्रिगर दबा दिया। गोली लगते ही वृद्ध जगन लहूलुहान होकर जमीन पर गिरे और चंद सेकंड में ही उनके प्राण पखेरू उड़ गए थे।