सीएम भजनलाल की अगुवाई में कैबिनेट बैठक, वर्क फ्रॉम होम पर निर्णय की संभावना

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। करीब तीन महीने के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रही इस बैठक का मुख्य फोकस सरकारी विभागों में वित्तीय अनुशासन, प्रशासनिक खर्चों में कमी और ईंधन की बचत पर रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई ईंधन संरक्षण की अपील को अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य सरकार कई बड़े नीतिगत बदलाव कर सकती है। यह बैठक सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के कैबिनेट हॉल में शाम 5:00 बजे मंत्रिमंडल और 5:30 बजे मंत्रिपरिषद के रूप में प्रस्तावित है।

कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' और साझा वाहन नीति पर होगी चर्चा

सचिवालय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में ईंधन और संसाधनों की बचत के लिए कुछ क्रांतिकारी प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों को रोटेशन के आधार पर 20 प्रतिशत तक 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) देने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, अधिकारियों के लिए व्हीकल पूलिंग (साझा वाहन) व्यवस्था शुरू करने, एक ही रूट या इलाके में रहने वाले अधिकारियों के लिए संयुक्त रूप से एक ही गाड़ी का उपयोग करने और सचिवालय या अन्य विभागों में कार्यरत पति-पत्नी (अधिकारी) को एक ही सरकारी वाहन आवंटित करने जैसे नवाचारों पर मंथन होगा।

ऑनलाइन कामकाज को बढ़ावा और 'नो व्हीकल डे' पर विचार

प्रशासनिक खर्चों को नियंत्रित करने के लिए सरकारी दफ्तरों में अब फाइलों के मूवमेंट को पूरी तरह ऑनलाइन करने और उसके सुचारू संचालन के लिए एक नया मैकेनिज्म (तंत्र) तैयार किया जा रहा है। विभागों में बहुत जरूरी होने पर ही प्रत्यक्ष (फिजिकल) बैठकें आयोजित करने और ज्यादातर समीक्षा बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल) के जरिए करने के निर्देश जारी हो सकते हैं। इसके साथ ही, कर्मचारियों को दफ्तर आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) का उपयोग करने की सलाह दी जा सकती है और सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' रखने पर भी बड़ा निर्णय संभव है।

तबादलों से रोक हटाने और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को मिल सकती है मंजूरी

ईंधन और बजट की राशनिंग के अलावा इस बैठक का एजेंडा काफी व्यापक है। राज्य में पिछले काफी समय से सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक को हटाने की मांग चल रही है, जिस पर आज अंतिम निर्णय हो सकता है। इसके साथ ही प्रदेश की नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी (औद्योगिक विकास नीति), सौर ऊर्जा परियोजनाओं के संवर्धन के लिए 'ग्रीन एरिया नीति' और कई नए अक्षय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिलने की पूरी उम्मीद है।

भजनलाल सरकार की इस साल की तीसरी कैबिनेट बैठक पर टिकी निगाहें

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में इस वर्ष होने वाली यह तीसरी कैबिनेट बैठक है। इससे पहले 25 फरवरी को हुई बैठक में स्थानीय निकाय चुनाव से ठीक पहले एक बड़ा फैसला लेते हुए दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवारों को भी पंचायतीराज और नगरपालिका चुनाव लड़ने की छूट दी गई थी। वहीं साल की पहली बैठक 21 जनवरी को आयोजित की गई थी। करीब तीन महीने बाद हो रही इस बैठक से प्रदेश के कर्मचारियों, उद्यमियों और आम जनता को बड़े फैसलों की उम्मीद है।