अमृत 2.0 परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन एवं नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश

जयपुर। राज्य सरकार द्वारा पंच गौरव कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं। इस क्रम में एक जिला एक उत्पाद नीति (ओडीओपी) के तहत चयनित उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए 20 लाख रुपये तक का मार्जिन मनी अनुदान सहित अन्य परिलाभ दिए जा रहे हैं। अब ओडीओपी उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुकूल बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता वाली पंच गौरव कार्यक्रम से जुड़ी राज्य स्तरीय समिति ने प्रदेश के पांच जिलों में कुल 18.19 करोड़ रुपये की की लागत से स्थापित होने वाली परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। साथ ही, इनका कार्य शीघ्र आरंभ करने के लिए पहले चरण में 10.76 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं।

उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त श्री नीलाभ सक्सेना ने बताया कि दौसा, चूरू, डीडवाना-कुचामन, फलोदी और बालोतरा में कॉमन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग लैब और भंडारण के लिए कुल 5 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।

दौसा में पत्थर आधारित उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के लिए 3.30 करोड़ रुपये की लागत से टेक्नोलॉजी फैसिलिटेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। इससे स्टोन आधारित उत्पादों में आधुनिक कटिंग, डिजाइन और फिनिशिंग में सुधार होगा।  

चूरू में लकड़ी से संबंधित उत्पादों की टेस्टिंग और सीजनिंग के लिए 2.5 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन बीआईएस टेस्टिंग लैब और सीजनिंग सुविधा स्थापित की जाएगी। इससे हस्तशिल्प उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार अनुकूल उत्पाद तैयार हो सकेंगे।      

डीडवाना-कुचामन में स्टोन प्रोसेसिंग के लिए 5.05 करोड़ रुपये की लागत से सीएनसी मशीन टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसी प्रकार फलोदी में सोनामुखी के लिए 2.35 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन क्लाइमेट-कंट्रोल्ड वेयरहाउसिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी। इससे सोनामुखी लंबे समय तक खराब नहीं होगी।    

बालोतरा में वस्त्र उत्पादों में आधुनिक तकनीक से डिजाइन आदि कार्यों के लिए करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से टेक्सटाइल डिजिटल प्रिंटिंग कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किया जाएगा।

जिलों में 5.85 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं प्रगतिरत-   

श्री सक्सेना ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में एक जिला एक उत्पाद नीति के तहत 8 जिलों में कुल 6.07 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जिसमें 2 जिलों में स्वास्थ्य शिविर और सुरक्षा किट वितरण भी शामिल है। चित्तौड़गढ़ में ओडीओपी उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए 2 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी यूटिलिटी सेंटर, हनुमानगढ़ में 1.5 करोड़ रुपये की लागत से रूरल हाट निर्माण, डीडवाना- कुचामन में 20 लाख रुपये की लागत से व्यापार सुविधा केंद्र, झुंझनूं में 90 लाख रुपये की लागत से शिल्पग्राम का सुधार एवं नवीनीकरण, कोटा में 30 लाख रुपये की लागत से सीएफसी का विस्तार और राजसमंद में 95 लाख रुपये की लागत से प्रदर्शनी हॉल एवं डिस्प्ले सेंटर का निर्माण शामिल हैं। इसके साथ ही, श्रमिकों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए दौसा और डीग जिलों में सिलिकोसिस बचाव शिविरों के माध्यम से 1500 से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा किट उपलब्ध कराई गईं। 

20 लाख रुपये तक मार्जिन मनी अनुदान-    

राज्य के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए लागू की गई एक जिला एक उत्पाद नीति-2024 के तहत सभी 41 जिलों में एक-एक उत्पाद की पहचान की गई है। इसके तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को 20 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी अनुदान दिया जाता है। साथ ही, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर पर 5 लाख रुपये तक अनुदान, क्वालिटी सर्टिफिकेशन और आईपीआर पर 3 लाख रुपये तक पुनर्भरण राज्य सरकार द्वारा देय है। विपणन आयोजनों में भाग लेने के लिए 2 लाख रुपये तक सहायता, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फीस पर 1 लाख रुपये प्रतिवर्ष का 2 साल तक पुनर्भरण और कैटलॉगिंग और ई-कॉमर्स वेबसाइट विकास के लिए 75 हजार रुपये तक एकमुश्त सहायता का प्रावधान है।