भोपाल के फूड आउटलेट में खाने से निकले कीड़े, खाद्य विभाग ने थमाया नोटिस

भोपाल: शहर की प्रसिद्ध खाद्य श्रृंखला 'सागर गैरे' और विभिन्न जूस सेंटरों पर प्रशासन का डंडा चला है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को मिली गंभीर शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने राजधानी के कई इलाकों में औचक छापेमारी की। यह कार्रवाई सात नंबर बस स्टॉप स्थित सागर गैरे के खाने में कीड़े मिलने और शहर के विभिन्न ठिकानों पर बिकने वाले सस्ते मैंगो शेक व लस्सी में घातक रसायनों के इस्तेमाल की सूचना पर की गई है।

सागर गैरे के भोजन में कीड़े और स्वच्छता में बड़ी लापरवाही

राजधानी के सात नंबर बस स्टॉप स्थित सागर गैरे आउटलेट के खाने में कीड़े मिलने की शिकायत पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर के निर्देश पर जब खाद्य सुरक्षा टीम ने वहां दबिश दी, तो किचन में गंदगी और खाद्य पदार्थों के भंडारण में भारी अनियमितताएं सामने आईं। सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने संस्थान के संचालक को नोटिस थमाते हुए 14 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने की मोहलत दी है। यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं किया गया, तो प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि दुकान का लाइसेंस रद्द या निलंबित कर दिया जाएगा।

मैंगो शेक और लस्सी में जहर घोलने का खुलासा

भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों में मात्र 10 रुपये में मिलने वाले मैंगो शेक और 20 रुपये की लस्सी की गुणवत्ता पर भी प्रशासन ने शिकंजा कसा है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में हुई इस जांच में यह संदेह जताया गया है कि इन शीतल पेयों में हानिकारक कृत्रिम रंग, सिंथेटिक एसेंस और भारी मात्रा में सैकरीन का प्रयोग किया जा रहा है, जो आम जनता के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। इन दुकानों पर धड़ल्ले से बेचे जा रहे घटिया स्तर के तरल पदार्थों में गाढ़ापन लाने के लिए संदिग्ध थिकनर के उपयोग की भी आशंका जताई गई है।

राजधानी के दो दर्जन संस्थानों से नमूनों की जांच शुरू

प्रशासन की टीम ने गुरुवार को व्यापक स्तर पर कार्रवाई करते हुए शहर के अशोका गार्डन, एमपी नगर, इंद्रपुरी, बुधवारा और पीरगेट जैसे प्रमुख बाजारों से करीब 24 से अधिक खाद्य नमूनों को जब्त किया है। इसमें न्यू फेमस रेस्टोरेंट, बांबे जूस कार्नर, घमंडी लस्सी और आदर्श जूस सेंटर जैसे नामी आउटलेट्स शामिल हैं, जहां से मैंगो जूस, लस्सी, मैदा और मिठाइयों के सैंपल लिए गए हैं। इन सभी नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।