भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में बुधवार के तड़के एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जहाँ लक्ष्मीसागर स्थित एक रिहायशी अपार्टमेंट में भीषण आग लगने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। अलसुबह जब लोग गहरी नींद में थे, तभी 'बसंती विला' नामक इमारत में भड़की आग ने विकराल रूप ले लिया और चारों ओर धुआं फैल गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुँचीं और जान जोखिम में डालकर करीब 30 अन्य निवासियों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की।
धुएं के गुबार और तीन जिंदगियों का दर्दनाक अंत
इस अग्निकांड ने 70 वर्षीय बिश्वजीत बेहरा और उनकी पत्नी 65 वर्षीय सुलता बेहरा की मौके पर ही जान ले ली, जो आग की लपटों और दम घोंटने वाले धुएं के बीच कमरे में ही फंस गए थे। इस हादसे का सबसे दुखद पहलू 10 वर्षीय मासूम तेजस्विनी बेहरा की मौत रही, जिसने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत बिश्वजीत और उनके परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका और दमकल विभाग की कार्रवाई
हादसे की प्रारंभिक पड़ताल में दमकल विभाग के अधिकारियों ने ग्राउंड फ्लोर पर स्थित पार्किंग क्षेत्र के पास लगे इलेक्ट्रिकल पैनल बोर्ड में शॉर्ट सर्किट होने की संभावना जताई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी रमेश चंद्र सेठी ने बताया कि सुबह 4 बजे के करीब लगी इस आग ने बिजली के तारों के माध्यम से तेजी से ऊपरी मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया था। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद अब विशेषज्ञ दल इस बात की बारीकी से जांच कर रहा है कि क्या इमारत में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था थी।
अफरा-तफरी के बीच सुरक्षित रेस्क्यू और प्रशासनिक जांच
हादसे के बाद अपार्टमेंट परिसर में लंबे समय तक चीख-पुकार और दहशत का माहौल बना रहा, क्योंकि

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