LPG वितरण में लापरवाही, मैहर में एजेंसियों के खिलाफ केस दर्ज

मैहर:मध्य प्रदेश के मैहर जिले में घरेलू रसोई गैस के वितरण में धांधली और लापरवाही बरतने वाले संचालकों पर प्रशासन का बड़ा डंडा चला है। जिला कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के कड़े रुख के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने जिले की दो प्रमुख गैस एजेंसियों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है। उपभोक्ताओं के हक में बाधा डालने और नियमों की अनदेखी करने के आरोप में इन एजेंसियों पर न केवल आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं, बल्कि उनकी व्यावसायिक गतिविधियों पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर और दंडात्मक कार्यवाही

गैस वितरण में अनियमितता की शिकायतों की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने 'मानसी गैस एजेंसी' (अमरपाटन) और 'इंडेन गैस एजेंसी' (अमातारा) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एजेंसी संचालक अभिषेक चतुर्वेदी और विमला वर्मा पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्यवाही द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश 2000 के स्पष्ट उल्लंघन के आधार पर की गई है, जिससे यह संदेश दिया गया है कि आवश्यक सेवाओं में किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लाइसेंस निलंबन और आपूर्ति व्यवस्था पर प्रशासनिक नियंत्रण

कलेक्टर के निर्देशों के बाद खाद्य विभाग की टीम ने अमरपाटन और बदेरा थानों में प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही दोनों एजेंसियों के संचालन को आगामी आदेश तक निलंबित कर दिया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति में समस्या न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और व्यवस्थाएं पारदर्शी नहीं होतीं, तब तक इन संचालकों को कार्य करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

गहन जांच के घेरे में वितरण प्रणाली और संचालकों की भूमिका

पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमें अब इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि यह गड़बड़ी कितने बड़े स्तर पर और कब से संचालित हो रही थी। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि क्या घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था या वितरण पंजी में फर्जीवाड़ा कर उपभोक्ताओं को उनके कोटे से वंचित रखा जा रहा था। इस कार्रवाई के बाद जिले की अन्य गैस एजेंसियों में भी हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम जनता ने प्रशासन की इस मुस्तैदी का स्वागत किया है।