गाजियाबाद: महानगर के कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कैला भट्ठा इलाके में एक पूर्व पार्षद के परिवार में करीब 50 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर छिड़ा विवाद अब थाने और पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक पहुंच गया है। पूर्व पार्षद हाजी खलील की दूसरी पत्नी नाजरीन ने अपने 70 वर्षीय पति पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्होंने एक जूनियर हाईस्कूल के मैनेजर पद पर रहते हुए वहीं की एक 20 वर्षीय छात्रा से अपना चौथा निकाह कर लिया है। नाजरीन का कहना है कि उनके पति ने अपनी करोड़ों की चल-अचल संपत्ति का बड़ा हिस्सा अपनी चौथी पत्नी के नाम कर दिया है और अब वह अपनी दूसरी पत्नी व बच्चों को घर से बेदखल करने की कोशिश कर रहे हैं।
बहुविवाह और करोड़ों की संपत्ति का कानूनी उलझाव
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध जयकरन नैय्यर के अनुसार इस पूरे विवाद की जड़ में भारी भरकम संपत्ति और पारिवारिक मतभेद हैं। नाजरीन ने पुलिस को बताया कि हाजी खलील पूर्व में दो बार पार्षद रह चुके हैं और उन्होंने अपनी पहली पत्नी व आठ बच्चों की जानकारी छिपाकर वर्ष 1991 में उनसे दूसरा निकाह किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार हाजी खलील ने वर्ष 2010 में तीसरा निकाह किया और फिर दो साल पहले अपनी चौथी शादी रचा ली। नाजरीन का आरोप है कि पति की करीब 50 करोड़ रुपये की निजी संपत्ति के अलावा नगर निगम की 30 करोड़ की भूमि पर भी उनका कब्जा है और अब वह अपनी नई पत्नी के प्रभाव में आकर पुराने परिवार के अधिकारों का हनन कर रहे हैं।
दुकान पर जबरन कब्जे का प्रयास और पुलिस से अभद्रता
प्रॉपर्टी विवाद ने सोमवार शाम को तब हिंसक रूप ले लिया जब नाजरीन अपने बच्चों के साथ कैला भट्ठा स्थित एक दुकान पर पहुंचीं और वहां मौजूद राशिद नामक व्यक्ति को बाहर निकाल कर ताला लगा दिया। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि हाजी खलील इस दुकान को वर्षों पहले राशिद के नाम बैनामा कर चुके थे। सूचना मिलने पर जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो नाजरीन और उनके परिजनों पर पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि दुकानदार की तहरीर पर मारपीट और अवैध कब्जे के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस घटना की निष्पक्ष जांच कर रही है।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और वर्तमान स्थिति
इस विवाद के बीच समाजवादी पार्टी ने भी अपना रुख स्पष्ट करते हुए हाजी खलील से किसी भी प्रकार के वर्तमान संबंध होने से साफ इनकार कर दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि हाजी खलील बहुत पहले सपा में रहे होंगे, लेकिन वर्तमान में उनका संगठन से कोई लेना-देना नहीं है और उन्होंने पिछला चुनाव भी किसी अन्य दल के टिकट पर लड़ा था। वर्तमान में यह मामला पूरी तरह से एक पारिवारिक और कानूनी लड़ाई में तब्दील हो चुका है, जहां एक ओर चौथी पत्नी के नाम संपत्ति करने के आरोप हैं, तो दूसरी ओर पुलिस और कानूनी प्रक्रिया के उल्लंघन के मामले सामने आ रहे हैं।

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