किस्मत वाली लड़कियों को ही मिलता है ऐसे पुरुषों का साथ, चाणक्य ने बताए भरोसेमंद मर्द के 6 गुप्त लक्षण

आज के दौर में रिश्तों में विश्वास बहुत कम देखने को मिल रहा है. लड़कियां कब धोखेबाज पुरुषों का मोहरा बन जाती हैं, पता ही नहीं चलता. लगातार आ रही खबरों के बीच रिश्तों में अस्थिरता और धोखे की शिकायतें बढ़ रही हैं, चाणक्य द्वारा बताए गए पुरुषों के ऐसे 6 गुप्त लक्षण, जो हर लड़की का जानना बेहद जरूरी माना जा रहा है.

हर लड़की की ख्वाहिश होती है कि उसकी जिंदगी में ऐसा बॉयफ्रेंड या जीवनसाथी मिले, जिस पर वह आंख बंद करके भरोसा कर सके. रिश्तों की दुनिया में अक्सर समझ नहीं आता कि सामने वाला कितना ईमानदार और वफादार है. ऐसे में प्राचीन नीति शास्त्र, खासकर चाणक्य की नीतियां आज भी लोगों को सही और गलत पहचानने का रास्ता दिखाती हैं. चाणक्य ने अपनी नीतियों में ऐसे पुरुष के कुछ गुप्त लक्षण बताए हैं, जो वास्तव में भरोसेमंद, जिम्मेदार और आदर्श पार्टनर माने जाते हैं. कहा जाता है कि किस्मत वाले ही ऐसे पुरुष पाते हैं, जो ना सिर्फ अपने वचनों पर कायम रहते हैं बल्कि हर परिस्थिति में अपने पार्टनर का साथ निभाते हैं. आइए जानते हैं भरोसेमंद मर्द के ये लक्षण…

 आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में बताया है कि जो पुरुष परेशानी आने पर घबरा नहीं जाता या दूरी नहीं बना लेता, वह सच्चा मर्द माना जाता है. वह अपने पार्टनर और काम को संतुलित बनाकर चलता है और अपने पार्टनर की भावनाओं का पूरा सम्मान करता है. पुरुष के इरादे उसके व्यक्तित्व में साफ दिखाई देते हैं. वह इरादों को तौलता है अपने और दूसरों के. वह समझता है कि चोट पहुंचाना कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसे बाद में शब्दों से ठीक किया जाए. जो पुरुष अपने अंधेरे यानी परेशानी और कमजोरियों का जानता है और उसे खत्म करके आगे बढ़ता है, वही व्यक्ति रिश्ते व करियर में सफल हो पाता है. वह महिला को अस्थिर नहीं करता ताकि खुद को स्थिर कर सके. वह निराशा के चक्र को दोहराता नहीं, वह खुद को नियंत्रित करता है ताकि निराशा दुर्लभ हो, आम नहीं.

 आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में बताया है कि जो पुरुष परेशानी आने पर घबरा नहीं जाता या दूरी नहीं बना लेता, वह सच्चा मर्द माना जाता है. वह अपने पार्टनर और काम को संतुलित बनाकर चलता है और अपने पार्टनर की भावनाओं का पूरा सम्मान करता है. पुरुष के इरादे उसके व्यक्तित्व में साफ दिखाई देते हैं. वह इरादों को तौलता है अपने और दूसरों के. वह समझता है कि चोट पहुंचाना कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसे बाद में शब्दों से ठीक किया जाए. जो पुरुष अपने अंधेरे यानी परेशानी और कमजोरियों का जानता है और उसे खत्म करके आगे बढ़ता है, वही व्यक्ति रिश्ते व करियर में सफल हो पाता है. वह महिला को अस्थिर नहीं करता ताकि खुद को स्थिर कर सके. वह निराशा के चक्र को दोहराता नहीं, वह खुद को नियंत्रित करता है ताकि निराशा दुर्लभ हो, आम नहीं.

 बहुत से लड़के होते हैं, जो बहुत ज्यादा बोलते हैं लेकिन काम कम कर पाते हैं. साथ ही जब वह बोलते हैं, तब उसमें आधी से ज्यादा बातें अपनी तारीफ की होती हैं, ऐसे पुरुषों से हमेशा बचकर रहना चाहिए. रिलेशनशिप केवल बातों का नहीं होता है, उसमें सभी चीजें आती हैं. बातें शुरुआत में अच्छी लग सकती हैं लेकिन ये ज्यादा समय तक नहीं चलतीं. इसलिए ज्यादा बोलने वाले और खुद की तारीफ करने वाले लड़कों से बचकर रहें.

 कुछ लड़के ऐसे होते हैं, जो जिम्मेदारी से भागते हैं. वह रिलेनशिप में तो रहना चाहते हैं लेकिन किसी भी तरह की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते. ऐसे पुरुषों से दूर रहें और अपने भविष्य की तरफ देखें. जो व्यक्ति जिम्मेदारी लेने से डरता हो, वह कभी आपके काम नहीं आ सकता है. कोई भी समस्या आने पर ऐसा व्यक्ति सबसे पहले भाग जाता है. जिम्मेदारी से भागने वाले पुरुष किसी भी चीज की जिम्मेदारी नहीं लेते. वे केवल आपके साथ समाज को दिखाने के लिए होते हैं या खुद का मर्द साबित करने के लिए.

 चाणक्य नीति में आगे कहते हैं कि लड़कियां कभी भी ऐसे लड़कों के साथ ना रहें, जिनको अपने भविष्य के बारे में ना पता हो या फिर भविष्य को लेकर केयरलेस रहें. क्योंकि ऐसे पुरुष आपके फ्यूचर को भी बर्बाद कर सकते हैं. पार्टी, मौज-मस्ती कभी कभार ठीक है लेकिन सुरक्षित भविष्य ऐसी चीज है, जिसे केवल आप अपने लिए चुनते हैं. लेकिन जो व्यक्ति अपने भविष्य की ही चिंता नहीं करता और हर समय बड़ी-बड़ी बातें और पार्टी करता फिरता है, ऐसे पुरुषों से लड़कियों को दूर रहना चाहिए.

 चाणक्य नीति में कहते हैं कि वादा ऐसी चीज है, जो पुरुष की पहचान बताता है. पुरुष आपसे वादा किया हुआ निभाता है या नहीं, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि वह खुद से किया वादा निभाता है या नहीं. जो पुरुष खुद से किए वादे निभाता है, वह बार-बार ऐसा करके आत्म-सम्मान बनाता है. वह वही करता है जो कहता है, खासकर छोटे, साधारण तरीकों में. वह समय पर उठता है. वह अपने शरीर को ट्रेन करता है. वह अनुशासन के साथ खाता है. वह खुद को संवारता है. वह समय पर पहुंचता है. ये सतही गुण नहीं हैं, ये भीतर की व्यवस्था का प्रमाण हैं. ऐसे पुरुष हमेशा सही मार्ग पर चलते हैं.

 ऐसा पुरुष झूठ नहीं बोलता, चालाकी नहीं करता या छुपाता नहीं. ईमानदारी से धोखे की जरूरत खत्म हो जाती है. वह अपने इरादों को साफ रखता है क्योंकि वह समय की कीमत जानता है – आपकी और अपनी. वह जानता है कि उसे क्या चाहिए, और लगातार अपनी बुद्धि, कौशल और चरित्र को बढ़ा रहा है. वह असहज होने से नहीं डरता. उसके लिए विकास आराम से ज्यादा मायने रखता है. चरित्र वही है जो पुरुष तब करता है जब कोई देख नहीं रहा और यह पुरुष खुद को देखता है.

 एक उच्च मूल्य वाला पुरुष धन, स्थिति या भव्यता से परिभाषित नहीं होता. वह पुरुष नहीं है जो खुद से बचने के लिए लगातार पार्टी करता है, ना ही वह जो कई महिलाओं की तलाश करता है ताकि वह वह इरादा और गहराई पा सके, जो उसने कभी विकसित नहीं की. एक उच्च मूल्य वाला पुरुष वह नहीं है जिसके पास महंगा सूट, लग्जरी घड़ी या प्राइवेट जेट है. ये चीजें हैं. ये बताते हैं कि पुरुष के पास क्या है, ना कि वह कौन है. पुरुष उसका चरित्र है. वह मजबूरी में नहीं झुकता. वह अपने भीतर की दुनिया से नहीं भागता. वह आत्म-जागरूक, आत्म-स्थिर और भीतर से नियंत्रित होता है. उसका आत्मविश्वास दिखावा नहीं करता क्योंकि उसे गवाहों की जरूरत नहीं. उसकी कीमत खुद पर नियंत्रण से आती है. वह जिंदगी से खुद के रूप में मिलता है – उपस्थित, इरादे के साथ और पूर्ण.