खरगे का ‘नो चेंज’ सिग्नल: नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर लगाया विराम, क्या खुद को फ्रंटफुट पर ला रहे कांग्रेस अध्यक्ष?

नई दिल्ली/बेंगलुरु: कर्नाटक कांग्रेस में जारी 'पावर वॉर' के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बड़ा बयान देकर अटकलों के बाजार को ठंडा कर दिया है। गुरुवार को खरगे ने दो टूक शब्दों में कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री बदलने का वर्तमान में कोई सवाल ही नहीं उठता। इस बयान को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खेमे के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।

चुनाव नतीजों के बाद बदलाव की चर्चाओं को किया खारिज

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज थी कि 4 मई को पांच राज्यों के चुनाव नतीजे आने के बाद कर्नाटक में कैबिनेट फेरबदल या नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। डीके शिवकुमार और उनके भाई डीके सुरेश की दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद इन दावों को और हवा मिली थी। हालांकि, खरगे ने स्पष्ट किया कि नेतृत्व का कोई भी मुद्दा यदि है, तो उसे आंतरिक रूप से सुलझा लिया जाएगा और अभी कुर्सी बदलने की कोई योजना नहीं है।

'मुख्यमंत्री पद' पर खरगे ने सोनिया गांधी के पाले में डाली गेंद

राज्य के गृह मंत्री जी परमेश्वर द्वारा मल्लिकार्जुन खरगे को मुख्यमंत्री बनाने के सुझाव पर भी कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी चुप्पी तोड़ी। खरगे ने कहा, "कई लोग चाहते हैं कि मैं सीएम बनूं, लेकिन मेरा भविष्य सोनिया गांधी और राहुल गांधी तय करते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि चूंकि वर्तमान में राज्य में मुख्यमंत्री (सिद्धारमैया) मौजूद हैं, इसलिए इस विषय पर चर्चा करना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने मीडिया से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी बड़े फैसले में समय लगता है।

कुमारस्वामी के दावे पर पलटवार

जेडीएस नेता और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के उस दावे पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगले महीने कांग्रेस के 40 विधायक पाला बदलने या दिल्ली जाने की तैयारी में हैं, खरगे ने तंज कसा। उन्होंने कहा, "मुझे ऐसी किसी हलचल की जानकारी नहीं है, बेहतर होगा कि कुमारस्वामी जी ही अपने सूत्रों का खुलासा करें।" खरगे के इस रुख से साफ है कि आलाकमान फिलहाल कर्नाटक की सत्ता में किसी भी तरह की अस्थिरता नहीं चाहता है।