बीजेपी का ‘मिशन यूथ’: नई टीम में 50 से कम उम्र के चेहरों पर दांव, पुरानी पीढ़ी से नई पीढ़ी को कमान

नई दिल्ली: पांच राज्यों के चुनावों के बाद अब भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन को नई धार देने के लिए तैयार है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की आगामी टीम को लेकर मंथन अपने अंतिम चरण में है। सूत्रों की मानें तो इस बार पार्टी 'युवा और प्रभावी' नेतृत्व के फॉर्मूले पर काम कर रही है, जिसमें मध्य प्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाली है।

मिशन 2045: युवा नेतृत्व और 'सरप्राइज' चेहरों की तैयारी

बीजेपी नेतृत्व ने भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखते हुए देश भर से 50 वर्ष से कम उम्र के होनहार नेताओं की एक विशेष सूची तैयार की है। इस रणनीतिक फेरबदल का उद्देश्य अगले 15-20 वर्षों के लिए संगठन की दिशा तय करना है। दिलचस्प यह है कि शॉर्टलिस्ट किए गए नामों की कार्यशैली और सार्वजनिक छवि की गहन जांच की जा रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि नई टीम में कई ऐसे चेहरे शामिल होंगे जो राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका सकते हैं।

दिल्ली में एमपी लीडरशिप का जमावड़ा: भागीदारी होगी तय

गुरुवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में सरगर्मियां उस वक्त बढ़ गईं, जब मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से लंबी मुलाकात की। पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के भी दिल्ली पहुंचने की चर्चाओं ने इन संकेतों को बल दिया है कि राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश का दबदबा रहने वाला है। जनरल सेक्रेटरी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर राज्य के नेताओं की भागीदारी तय मानी जा रही है।

RSS और संगठन के बीच हाई-वोल्टेज मंथन

नितिन नवीन की टीम का चयन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक मजबूती के आधार पर भी किया जा रहा है। जिस तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा नेतृत्व के बीच अध्यक्ष के नाम पर लंबी चर्चा हुई थी, उसी तर्ज पर अब टीम के सदस्यों के लिए भी कड़े मापदंड अपनाए जा रहे हैं। संगठन ऐसे चेहरों की तलाश में है जो विचारधारा के प्रति अडिग हों और जिनकी जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ हो।