गांधीनगर: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में दक्षिण और मध्य गुजरात के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए एक बड़े रोडमैप की समीक्षा की गई। आगामी 1 और 2 मई, 2026 को सूरत में होने वाली 'वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस' के माध्यम से राज्य सरकार 16 जिलों की औद्योगिक शक्ति को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने की तैयारी कर रही है।
1. 16 जिलों की औद्योगिक क्षमता का वैश्विक प्रदर्शन
प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी के अनुसार, यह कॉन्फ्रेंस दक्षिण गुजरात के सूरत, भरूच, डांग, नवसारी, तापी, वलसाड और मध्य गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा, गांधीनगर, आनंद सहित कुल 16 जिलों के विकास को नई गति देगी। इस क्षेत्रीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशकों और तकनीक के साथ जोड़ना है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आ सके।
2. पारंपरिक उद्योगों से लेकर 'डिफेंस और ग्रीन एनर्जी' पर फोकस
कॉन्फ्रेंस में केवल सूरत के पारंपरिक टेक्सटाइल और जेम्स-ज्वेलरी तक सीमित न रहकर, भविष्य के उद्योगों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। इसमें केमिकल, पेट्रोकेमिकल, ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम, फिनटेक, एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों पर गहन चर्चा होगी। साथ ही, MSME (लघु एवं मध्यम उद्योग) को सशक्त बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय 'रिवर्स बायर-सेलर मीट' और वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन भी किया जाएगा।
3. 'ग्लोबल समिट' के लिए बनेगा मजबूत आधार
सरकार की योजना इस क्षेत्रीय सम्मेलन के दौरान होने वाले निवेश और समझौतों को आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करने की है। यहाँ होने वाले सेमिनार और प्रदर्शनियों के जरिए स्थानीय स्टार्टअप्स और बड़े उद्योगों को सीधे विदेशी खरीदारों से मिलने का अवसर मिलेगा, जिससे निर्यात और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

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