जहानाबाद। नूरसराय थाना क्षेत्र के चरुईपर गांव में मंगलवार की रात एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया। जिस घर से बेटी की डोली उठने वाली थी, वहां पिता की अर्थी सज गई। समधी मिलन की रस्म के लिए निकले पिता को एक अनियंत्रित वाहन ने अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उनकी जीवन लीला समाप्त हो गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय आरजू पासवान के रूप में हुई है।
स्वागत की रस्म बनी काल
आरजू पासवान की छोटी बेटी की शादी थी और बारात शेखपुरा के बरबीघा से आई थी। चारों ओर उत्सव का माहौल था और बारात दरवाजे पर दस्तक दे चुकी थी। रस्म के अनुसार, आरजू पासवान अपने समधी का स्वागत करने और उनसे गले मिलने के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान बिहटा-सरमेरा टू-लेन मार्ग पार करते समय एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उन्हें रौंद दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
परिजनों का साहस: विदाई तक गुप्त रखी खबर
हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन बेटी के भविष्य को देखते हुए परिजनों ने बेहद कठिन फैसला लिया। शादी की रस्मों में कोई बाधा न आए और बेटी की खुशियां न छिनें, इसलिए पिता की मृत्यु की खबर को दुल्हन और अन्य महिलाओं से छिपाकर रखा गया। भारी मन और आंसुओं को रोककर परिजनों ने विवाह संपन्न कराया। बुधवार सुबह जैसे ही बेटी विदा हुई, घर वालों का सब्र टूट गया और मौत की खबर सार्वजनिक होते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही नूरसराय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेजा।
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अहम सुराग: थाना प्रभारी अरविंद कुमार के अनुसार, दुर्घटनास्थल से क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो की नंबर प्लेट मिली है।
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तलाश जारी: इस सुराग के आधार पर पुलिस फरार वाहन और उसके चालक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

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