अपहरण के नाम पर वसूली, कानून के रखवालों ने ही तोड़ा भरोसा

जमुई: खाकी पर लगा फिरौती का दाग, उत्पाद विभाग के दो ASI समेत 4 गिरफ्तार

जमुई (बिहार): बिहार के जमुई और नवादा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र से कानून व्यवस्था को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ उत्पाद विभाग (Excise Department) के पुलिसकर्मियों पर अपहरण कर फिरौती वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। जमुई पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कांड संख्या 193/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। यह पूरी कार्रवाई नर्वदा निवासी पिंटू कुमार की शिकायत पर की गई है।


क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता पिंटू कुमार के अनुसार, उनके बड़े भाई संतोष कुमार 23 अप्रैल की दोपहर अपनी क्रेटा कार से निकले थे। जब वे देर शाम तक घर नहीं लौटे, तो परिवार की चिंता बढ़ गई।

  • धमकी भरा फोन: रात करीब 7:30 बजे संतोष का फोन आया, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें बंधक बना लिया गया है और रिहाई के लिए ₹5 लाख की मांग की जा रही है।

  • वसूली का आरोप: परिजनों ने डर के मारे ₹2 लाख का इंतजाम किया और नवादा पहुंचे। आरोप है कि पकरीबरावां उत्पाद थाना के पास उनकी गाड़ी छोड़ने के एवज में ₹1.5 लाख जबरन वसूले गए।

पुलिस की जांच और गिरफ्तारियां

जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। पुलिस ने इस सनसनीखेज कांड में शामिल निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

  1. दो सहायक उप निरीक्षक (ASI)

  2. दो होमगार्ड जवान

बरामदगी: पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपी ASI दिलीप कुमार के आवास से फिरौती के ₹1.5 लाख नकद बरामद कर लिए हैं। साथ ही पीड़ित की क्रेटा कार को भी जब्त कर लिया गया है।


शराब कांड का डर दिखाकर वसूली

जांच में यह भी सामने आया है कि पुलिसकर्मियों ने संभवतः संतोष कुमार को अवैध शराब के मामले में फंसाने का डर दिखाया था। इसी दबाव का फायदा उठाकर उन्होंने परिवार से मोटी रकम की उगाही की।

इस घटना ने उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों का पता लगाया जा सके।