सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में शिक्षा के बजट में सेंधमारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्कूलों के लिए खरीदी और मरम्मत के नाम पर हुए करोड़ों रुपए के घोटाले में लोकायुक्त रीवा ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सहित चार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
तीन स्तरों पर हुआ बड़ा 'खेल'
लोकायुक्त की शुरुआती जांच में भ्रष्टाचार के तीन मुख्य केंद्र सामने आए हैं, जहाँ नियमों और टेंडर प्रक्रियाओं को ताक पर रखकर भुगतान किया गया:
- उपकरण खरीदी: 19 स्कूलों के लिए सामग्री खरीदने के नाम पर 4.68 करोड़ रुपए का संदिग्ध लेनदेन।
- बिजली व मरम्मत: 61 स्कूलों में बिजली फिटिंग और मेंटेनेंस के नाम पर 3.05 करोड़ रुपए का खर्च दिखाया गया।
- साफ-सफाई: 558 स्कूलों में स्वच्छता सामग्री की सप्लाई के नाम पर लगभग 98 लाख रुपए का भुगतान किया गया।
इन अधिकारियों पर दर्ज हुआ केस
लोकायुक्त एसपी सुनील पाटीदार के नेतृत्व में टीम ने सिंगरौली शिक्षा विभाग के कार्यालय में दबिश दी और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। मामले में डीईओ सूर्यभान सिंह, सहायक संचालक राजधर साकेत, जिला परियोजना समन्वयक रामलखन शुक्ल और वित्त विभाग के छविलाल सिंह को नामजद किया गया है। अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप हैं।

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