दिल्ली। एलजी तरनजीत सिंह संधू ने हाल ही में दिल्ली फायर सर्विस के कामकाज की समीक्षा की। इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को बेहतर बनाना है। इस समीक्षा में आधुनिकीकरण, बुनियादी ढांचे के उन्नयन और कर्मियों की क्षमता को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। एलजी ने दिल्ली फायर सर्विस नियम, 2010 में प्रस्तावित संशोधनों की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने निवासियों, व्यापारियों और कारोबारी वर्ग के साथ व्यापक परामर्श की आवश्यकता पर जोर दिया। यह सुनिश्चित करेगा कि नियामक ढांचा समावेशी, व्यावहारिक और प्रभावी बन सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप, हर नियामक ढांचा ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने वाला होना चाहिए। इससे मजबूत फायर सेफ्टी सुनिश्चित होगी। साथ ही, नागरिकों पर अनावश्यक बोझ भी नहीं पड़ेगा। बढ़ते गर्मी के तापमान को देखते हुए विभाग की समर एक्शन प्लान की भी समीक्षा की गई। एलजी ने इस दौरान सतर्कता बढ़ाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। नागरिकों को निवारक उपायों, नियामक सुरक्षा और प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया गया। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया।

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