भोपाल | मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है. इस संबंध में प्रस्तावित कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी जा सकती है. कमेटी में 5-6 अन्य सदस्य शामिल किए जाएंगे, जिनमें हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल होने की संभावना है.
गुजरात-उत्तराखंड मॉडल पर फोकस
राज्य सरकार ने गुजरात और उत्तराखंड से यूसीसी को लेकर जानकारी जुटाई है. इन राज्यों में भी बिल तैयार करने का काम रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में हुआ था. इसी अनुभव को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार भी उन्हें यह जिम्मेदारी देने की तैयारी में है. इस विषय पर शासन स्तर पर जल्द ही महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है.
सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर साधा निशाना
इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश को कांग्रेस के कई फैसलों की कीमत चुकानी पड़ी है, जिन्हें अब सुधारा जा रहा है. उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश दोनों ही समान नागरिक संहिता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
एक समान कानून की जरूरत पर जोर
सीएम ने कहा कि “एक देश, एक निशान, एक प्रधान” की सोच अब साकार होने जा रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में धर्म, जाति या सामाजिक स्थिति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी नागरिकों के लिए कानून समान होना चाहिए. इसी उद्देश्य से सरकार यूसीसी की दिशा में धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है.
गुजरात में ऐसे तैयार हुआ था बिल
गौरतलब है कि गुजरात में मार्च 2025 में रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने एक साल के भीतर यूसीसी बिल तैयार कर लिया था. इस दौरान कमेटी ने कई बैठकें कीं, विभिन्न समुदायों से संवाद किया और सभी पक्षों को सुनने के बाद मसौदा तैयार किया, जिसे बिना किसी बड़े बदलाव के पारित किया गया. अब मध्य प्रदेश भी इसी मॉडल पर आगे बढ़ने की तैयारी में है.

More Stories
कठिनाईयों और संघर्ष के बावजूद अपनी पहचान और गौरव को बनायें रखने वाले सिंधी समाज पर सभी को गर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से कवर करें, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं एएनसी जांच सुनिश्चित हो: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
“हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार” के ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव