तेहरान। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने इराक की जनता को खास संदेश दिया है। ईरान ने इराक के लोगों के प्रति आभार जताते हुए उनसे और करीब आएं ईराकी भाई। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जुल्फघारी ने कहा कि इस पूरे संघर्ष में इराक के लोगों का समर्थन महसूस किया गया है। उन्होंने कहा कि इराक के लोगों का दिल, उनकी भावनाएं और उनका मजबूत रुख हमेशा ईरान के साथ रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इब्राहिम ने कहा कि ईरान अकेला नहीं है और इराक के लोग उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। ईरान ने अमेरिका-इजराइल पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि इन देशों ने ईरान की संप्रभुता पर हमला किया है और महिलाओं, बच्चों और आम लोगों को निशाना बनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक जगहों पर हमले किए गए हैं। सबसे अहम बात यह रही कि ईरान ने घोषणा की कि इराक को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर लगाए गए प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है यानी इराक के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने में कोई रोक नहीं होगी। ईरान ने कहा कि यह प्रतिबंध सिर्फ दुश्मन देशों पर लागू हैं और वह इराक की संप्रभुता का सम्मान करता है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा कि जो देश दुश्मन नहीं हैं, उनके जहाज ईरानी पानी से गुजर सकते हैं, लेकिन इसके लिए पहले से जानकारी देना जरूरी होगा। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर 48 घंटे के अंदर कोई समझौता नहीं हुआ, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि समय तेजी से खत्म हो रहा है और अगर जल्द फैसला नहीं हुआ तो बड़ा एक्शन लिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के परमाणु ठिकाने के पास हमले के बाद लोगों को हटाया गया और ईरान ने भी इलाके में नए हमले शुरू करने की बात कही है।

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