पालम अग्निकांड के बाद बड़ा फैसला: दिल्ली की सभी इमारतों का होगा फायर ऑडिट

नई दिल्ली। राजधानी में आग की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अब सभी इलाकों और संस्थानों में व्यापक फायर ऑडिट कराया जाएगा। दिल्ली राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीएसडीएमए) की बैठक में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने यह निर्देश दिए। राज निवास में उपराज्यपाल की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री की सह-अध्यक्षता में हुई बैठक में हाल ही में हुई एक आवासीय आग की घटना पर विस्तार से चर्चा की गई। उपराज्यपाल ने विभागों को निर्देश दिया कि सरकारी इमारतों के साथ-साथ निजी संस्थानों, व्यावसायिक परिसरों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में भी फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फायर ऑडिट केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर उसकी प्रभावी निगरानी हो और जहां भी कमी पाई जाए, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। साथ ही संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने भी आपदा प्रबंधन को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली को आपदा के प्रति अधिक सक्षम और तैयार बनाना समय की जरूरत है। इसके अलावा, बैठक में बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, खासकर खाड़ी क्षेत्र में तनाव को देखते हुए ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई। एलपीजी, पीएनजी, पेट्रोल और डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।

21000 करोड़ की परियोजना काे मंजूरी

बैठक में 21,000 करोड़ के दिल्ली अर्बन फ्लड मिटिगेशन प्लान को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई, जिसके तहत नालों की सफाई, नए स्टॉर्म वॉटर ड्रेन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किए जाएंगे, ताकि मॉनसून के दौरान जलभराव की समस्या को कम किया जा सके। राजधानी में अत्याधुनिक इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया। ये केंद्र एआई और सैटेलाइट डेटा के जरिए पूर्वानुमान, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करेंगे। प्रशासन का मानना है कि फायर ऑडिट जैसे कदमों से न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि समय रहते खामियों को दूर कर बड़े हादसों को भी टाला जा सकेगा।