ग्वालियर। राजस्व अभिलेखागार मोती महल में कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, यहां पूर्व में पदस्थ रहीं श्रीमती उषा रानी श्रीवास्तव 27 फरवरी 2026 को सेवानिवृत्त हो चुकी हैं, इसके बावजूद वे आज भी कार्यालय में सक्रिय रूप से कार्य करती नजर आ रही हैं। सूत्रों का दावा है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उषा रानी श्रीवास्तव अभिलेखों की नक़लों पर बैकडेट में हस्ताक्षर कर रही हैं, जो नियमों के विपरीत है। राजस्व विभाग के नियमों के अनुसार, रिकॉर्ड रूम जैसे संवेदनशील स्थानों पर बाहरी या सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बैठने और कार्य करने की अनुमति नहीं होती है। बताया जा रहा है कि उषा रानी श्रीवास्तव का पूर्व सेवा रिकॉर्ड भी विवादों में रहा है, जिससे यह मामला और अधिक गंभीर हो जाता है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किस अधिकारी के आदेश से एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को कार्यालय में बैठकर कार्य करने की अनुमति दी जा रही है। इस पूरे मामले ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला होगा, बल्कि रिकॉर्ड की वैधता पर भी असर डाल सकता है। स्थानीय लोगों और संबंधित पक्षों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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