जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अल्बर्ट हॉल से प्रदेशव्यापी स्वच्छता संकल्प एवं जागरूकता कार्यक्रम की शुरूआत की। उन्होंने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नगर निगम के सफाईकर्मियों को पीपीई किट का वितरण किया। साथ ही, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चैक भी सौंपे।
शर्मा ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई तथा रामनिवास बाग में पौधारोपण भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में 30 मार्च 1949 को भारतीय नववर्ष की चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रेवती नक्षत्र इंद्रयोग में वृहद् राजस्थान की स्थापना की गई थी। इसलिए हमने पिछले वर्ष राजस्थान दिवस को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर मनाने का निर्णय लिया था। इस वर्ष 19 मार्च को यह गौरवशाली दिवस पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान दिवस के भव्य आयोजन की शुरुआत स्वच्छता कार्यक्रम से हुई है। हमारा संकल्प है कि राजस्थान न केवल आर्थिक रूप से समृद्ध हो, बल्कि स्वच्छता और स्वास्थ्य के मामले में भी देश का अग्रणी राज्य बने। उन्होंने कहा कि राजस्थान महल, किले, झील, रेगिस्तान एवं अभयारण्य की ऐतिहासिकता एवं समृद्धता वाला प्रदेश है, इसलिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। यहां विविधता में भी एकता है।शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान प्रारंभ कर स्वच्छता को पूरे देश में जन-आंदोलन का रूप दिया है। यह मिशन केवल सडक़ों और नालियों की सफाई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इससे लोगों की व्यवहार में भी बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 और विकसित राजस्थान 2047 का सपना तभी साकार होगा, जब हर घर, गली, पार्क और स्मारक स्वच्छ होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत अब तक देशभर में 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। इससे महिलाओं की सुरक्षा तथा सम्मान बढ़ा है। यह अभियान नागरिकों को घर एवं सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने और सुंदर बनाने की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित कर रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता स्वास्थ्य की आधारशिला, पर्यावरण संरक्षण की कुंजी और आर्थिक प्रगति का आधार है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों को स्वच्छता से जोडऩे के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए हैं। जल महल की पाल एवं मानसरोवर सिटी पार्क में स्वच्छता के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इसी क्रम में अल्बर्ट हॉल से राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में स्वच्छता कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। स्वच्छता केवल सरकार का ही काम नहीं, बल्कि व्यक्तिगत कर्तव्य भी है, यही इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों की साफ-सफाई के लिए वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान चलाया गया। जिसमें ढाई करोड़ से अधिक नागरिकों ने हिस्सा लिया। सेवा पखवाड़ा के दौरान करीब 6 हजार चिकित्सा संस्थानों में भी स्वच्छता शिविरों का आयोजन किया गया था।शर्मा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती (सुशासन दिवस) पर स्वच्छता सप्ताह का आयोजन किया गया था। प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 2 लाख 78 हजार व्यक्तिगत शौचालयों और 4 हजार से अधिक सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। राजस्थान के लगभग सभी गांव ओडीएफ प्लस घोषित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान 2025 के तहत सफाई के लक्ष्यों में राजस्थान पहले पायदान पर रहा। सभी के प्रयासों से उदयपुर और जयपुर स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में देश के शीर्ष 20 शहरों में शामिल हुए। डूंगरपुर को सुपर स्वच्छ लीग सिटी का सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह स्वास्थ्य के साथ ही आर्थिक विकास से भी जुड़ा है।

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