जयपुर। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक हालात और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करना बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर भी घोषणाओं की राजनीति करने और स्थानीय निकाय चुनाव टालने के आरोप लगाए। पायलट ने कहा कि भारत अपनी बड़ी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में सरकार को संभावित वैश्विक संकटों को ध्यान में रखते हुए पहले से वैकल्पिक व्यवस्थाएं और जरूरी सेफगार्ड तैयार रखने चाहिए। उनका कहना था कि खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति जैसे मुद्दों पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए सचिन पायलट ने कहा कि प्रदेश में धर्म और जाति के नाम पर राजनीति करने के लिए बिल लाए जा रहे हैं, जिससे समाज में दूरी बढ़ती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में घोषणाएं तो बहुत हुई हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नजर नहीं आता। पायलट ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार में समन्वय की कमी साफ दिखाई देती है। मंत्री कुछ बोलते हैं और अफसर कुछ और करते हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव कराने से बच रही है और बार-बार कोर्ट या अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का हवाला देकर चुनाव टाल रही है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और हार के डर से सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है।

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