गत चैंपियन भारतीय टीम लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंचने से एक कदम दूर है। भारत के सामने एक बार फिर सेमीफाइनल में इंग्लैंड की चुनौती होगी। इससे पहले दोनों टीमों के बीच 2022 और 2024 में सेमीफाइनल की टक्कर हो चुकी है। भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता फिलहाल अभिषेक शर्मा का रन नहीं बना पाना है। फॉर्म में नहीं होने के बावजूद अभिषेक को लगातार मौके मिले हैं, लेकिन क्या उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ मौका मिलेगा ये देखना दिलचस्प होगा।
एक खिलाड़ी पर निर्भरता पड़ेगी भारी
टूर्नामेंट की शुरुआत में प्रबल दावेदार मानी जा रही भारतीय टीम प्रतियोगिता में मजबूत टीमों के खिलाफ एक भी मैच में शानदार प्रदर्शन नहीं कर पाई। भले ही उसने ग्रुप चरण के अपने सभी मैच जीते, लेकिन सुपर आठ में दक्षिण अफ्रीका से मिली करारी हार से उसकी कमजोरियां भी सामने आ गई। इसके बाद हालांकि भारतीय टीम ने लचीला दृष्टिकोण अपनाया जिससे वह सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही। भारत के लिए अब तक एक या दो खिलाड़ी ही मैच जिता रहे हैं, लेकिन सेमीफाइनल की बाधा पार करनी है तो टीम के एक यूनिट के रूप में प्रदर्शन करना होगा। भारत के लिए पिछले दो मैचों से रिंकू सिंह को प्लेइंग-11 में मौका नहीं मिला है। पिता के निधन के बाद भी रिंकू टीम से जुड़ गए थे, ऐसे में यह देखना होगा कि किस तरह रिंकू के लिए प्लेइंग-11 में जगह बना सकती है।
कैसा हो सकता है बल्लेबाजी क्रम
अभिषेक भले ही फॉर्म में नहीं है, लेकिन भारत इस अहम मुकाबले के लिए संयोजन में बदलाव करेगा इसकी संभावना कम ही नजर आती है।
भारत के लिए एक बार फिर अभिषेक और संजू सैमसन पारी की शुरुआत करने उतर सकते हैं और तीसरे स्थान पर ईशान किशन आएंगे।
चौथे नंबर पर कप्तान सूर्यकुमार यादव का उतरना तय है। सूर्यकुमार भी रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें सेमीफाइनल में बड़ी पारी खेलने की जरूरत है।
तिलक वर्मा और हार्दिक पांड्या आईपीएल के अपने घरेलू मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।
भारत को इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाजों की चुनौती का सामना करना होगा जिसमें दोनों टीम एक दूसरे पर अपनी श्रेष्ठ साबित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।
सैमसन को लेने का फैसला रहा कारगार
संजू सैमसन को पावरप्ले में बाएं हाथ के शीर्ष तीन बल्लेबाजों की मौजूदगी को खत्म करने के लिए फिर से प्लेइंग-11 में जगह दी गई और उसका यह फैसला कारगर साबित हुआ। भारत के लिए डेब्यू करने के 10 साल से अधिक समय बाद सैमसन ने आखिरकार भारत की तरफ से अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेली। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रन की नाबाद पारी खेलकर बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ी। खेल में कब किसकी किस्मत चमकने लग जाए कहा नहीं जा सकता। विश्व कप से पहले अभिषेक अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में थे, जबकि सैमसन को न्यूजीलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय मैचों में निराशाजनक प्रदर्शन के कारण अंतिम एकादश में अपनी जगह गंवानी पड़ी थी। अब हालात बदल गए हैं और अभिषेक को आत्मविश्वास बढ़ाने वाली शानदार पारी की सख्त जरूरत है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने सुपर आठ में जिम्बाब्वे के खिलाफ अर्धशतक तो बनाया, लेकिन अभी भी वह अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म से काफी दूर हैं।
विजयी संयोजन में बदलाव का जोखिम उठाएगा भारत?
आमतौर पर भारत विजयी संयोजन में बदलाव नहीं करता है, लेकिन इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने कुछ बदलाव किए हैं। पिछले मैच में टीम ने कोई बदलाव नहीं किया था और उसे सफलता मिली थी। इस बार भी बदलाव की संभावना नजर नहीं आती है। अगर खिलाड़ी फिट रहे तो भारत उसी एकादश के साथ उतर सकता है जो वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलने उतरी थी। ऐसे में रिंकू सिंह और कुलदीप यादव को फिर बाहर बैठना पड़ सकता है।

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