सोम कंपनी से किसी प्रकार का संबंध नहीं; 2025-26 में 477 प्रकरण दर्ज करके बड़ी मात्रा में शराब जब्त की गई
भोपाल। मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय द्वारा प्रेस नोट में बैरागढ़ क्षेत्र से संबंधित मीडिया पर प्रसारित खबरों का खंडन किया गया है। प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि आबकारी विभाग द्वारा किसी निजी कंपनी के साथ मिलकर होटल, रेस्तरां और शादीघरों में जबरन शराब बेचने का दबाव बनाए जाने के आरोप पूर्णतः असत्य और भ्रामक हैं।
आबकारी विभाग ने साफ कहा सोम कंपनी से कोई संबंध नहीं
बैरागढ़ क्षेत्र की कम्पोजिट मदिरा दुकानों का लाइसेंसी साउथवर्क ट्रेडर्स एल.एल.पी. है। संबंधित दुकानों पर किसी भी प्रकार से सोम कंपनी का कोई लाइसेंस स्वीकृत नहीं है। विभाग ने कहा है कि जबरन शराब विक्रय के संबंध में लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं।
सघन आबादी और अवैध बिक्री की शिकायतें
विभाग के अनुसार बैरागढ़ क्षेत्र अत्यंत सघन आबादी वाला है तथा यहां संकरी गलियों में रिहाइश अधिक है। इस क्षेत्र में अन्य जिलों जैसे राजगढ़, सीहोर, विदिशा तथा अन्य प्रदेशों की मदिरा के अवैध विक्रय की शिकायतें समय-समय पर प्राप्त होती रही हैं।
अवैध मदिरा के विरुद्ध लगातार कार्रवाई
आबकारी विभाग ने बताया कि शासकीय संरक्षण एवं सामाजिक-क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के उद्देश्य से अवैध मदिरा विक्रेताओं के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जा रही है। विभाग के अनुसार वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी 2026 तक बैरागढ़ क्षेत्र में 477 प्रकरण दर्ज किए गए। इस दौरान 192.5 लीटर देशी मदिरा, 422.95 लीटर विदेशी मदिरा स्प्रिट तथा 246.21 लीटर विदेशी मदिरा बीयर जब्त की गई है। विभाग का दावा है कि क्षेत्र में अवैध मदिरा के विरुद्ध प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। मुखबिरों की सूचना अधिकांशतः सही विभाग ने स्पष्ट किया है कि बैरागढ़ क्षेत्र में मुखबिरों द्वारा दी गई अधिकांश सूचनाएं सही पाई गई हैं, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाती है।16 फरवरी 2026 की घटना का भी उल्लेख किया गया है। विभाग के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर वृत प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री सुरेन्द्र देवागन तथा सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्रीमती प्रीति शैलेंद्र गश्त पर थे। गश्त के दौरान आबकारी अमला केवल घटनास्थल से गुजरा था और किसी भी मकान की तलाशी नहीं ली गई थी। इसी दौरान कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने गाली-गलौच और अभद्र व्यवहार का प्रयास किया, किंतु कोई अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई।

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