February 14, 2026

अवैध बूचड़खानों के खिलाफ हिंदू संगठन का निगम घेराव, पुलिस रोकने पर हनुमान चालीसा पाठ

ग्वालियर: पिछले दिनों पकड़े गए गौवंश की हड्डियों से भरे ट्रक और ग्वालियर में संचालित हो रहे अवैध स्लॉटर हाउस के मुद्दे को लेकर हिंदू संगठन विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने गुरुवार को नगर निगम का घेराव कर इन मामलों को लेकर कार्रवाई की मांग की है. साथ ही 7 दिन में उचित कार्रवाई ना होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है.

 

रैली के साथ निगम कार्यालय का घेराव करने पहुंचे

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को बाल भवन से नगर निगम कार्यालय तक रैली निकाल कर ग्वालियर में निगम की नाक के नीचे चल रहे अवैध बूचड़खानों पर अनदेखी का विरोध जताया. नारेबाजी करते कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय पहुंचे तो पुलिस ने बेरिकेटिंग के जरिये उन्हें रास्ते में ही रोक लिया. जिस पर हिंदू संगठन और पुलिसकर्मियों में जमकर बहस हुई. इस दौरान हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर ही हनुमान चालीसा का पाठ कर इस बात का भी विरोध जताया.

 

'सेवा नगर में 2 भाई चला रहे बूचड़खाना'

बजरंग दल के विभाग संयोजक हरि सेंगर का कहना है कि "कुछ दिन पहले ही संगठन के कार्यकर्ताओं ने ग्वालियर में गौ वंश की हड्डियों से भरे एक ट्रक को पकड़ा था, जिस पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और ये बात सामने आई कि ग्वालियर के सेवा नगर में समुदाय विशेष से जुड़े दो भाई अवैध बूचड़खाना संचालित करते हैं. गौवंश को काट कर उनके अंश बेचते हैं और ये सब नगर निगम की नाक के नीचे हो रहा है."

 

'बंद हों बूचड़खाने, विधर्मियों के तोड़े जाएं घर'

प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम से एक ज्ञापन के माध्यम से मांग रखी है कि, ग्वालियर में जितने भी अवैध स्लॉटर हाउस संचालित हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए और दोनों भाई जिस घर में रहते हैं, जिस जगह अवैध बूचड़खाना चलाते हैं उसकी जांच कराकर उन्हें तत्काल तोड़ा जाए.

 

अतिरिक्त कमिश्नर ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

नगर निगम के अतिरिक्त कमिश्नर मुनीश सिंह सिकरवार का कहना है कि ज्ञापन के जरिए बताया गया है कि "गौवंश की हड्डियों से भरा एक ट्रक हाल ही में इन लोगों ने पकड़ा था. जिस पर पहले ही पुलिस कार्रवाई कर चुकी है. हालांकि आगे इस तरह की घटनाएं ना हो इस संबंध में ज्ञापन दिया गया है. नगर निगम द्वारा उसकी जांच कराई जाएगी और कार्रवाई की जाएगी. बूचड़खाना संचालित करने के लिए नगर निगम द्वारा किसी प्रकार की परमिशन नहीं दी गई है."