जयपुर|विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। कांग्रेस विधायक पीतराम सिंह काला के सवाल पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा बुरी तरह घिर गए। विधायक लगातार स्पष्ट जवाब मांगते रहे, लेकिन मंत्री सीधा उत्तर नहीं दे सके। हालात ऐसे बने कि स्पीकर वासुदेव देवनानी को भी बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा।सवाल के जवाब के दौरान सदन में एक समय तीन-तीन मंत्री खड़े हो गए, इसके बावजूद स्थिति नहीं संभल सकी। अंततः स्पीकर को कहना पड़ा कि मंत्री जवाब देने में असमर्थ हैं, इसलिए सवाल को दोबारा सूचीबद्ध कर स्पष्ट जवाब लिया जाएगा। दरअसल, कांग्रेस विधायक पीतराम सिंह काला ने प्रचलित रास्तों को राजस्व रिकॉर्ड में ‘कटानी रास्ते’ के रूप में दर्ज किए जाने को लेकर सरकार से साफ रुख पूछा था। इसके जवाब में राजस्व मंत्री नियमों का हवाला देने लगे। इस पर प्रश्नकर्ता विधायक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मंत्री सवाल का सीधा जवाब नहीं दे रहे हैं।स्पीकर ने भी मंत्री से स्पष्ट शब्दों में पूछा कि यह काम होगा या नहीं सिर्फ “हां” या “ना” में जवाब दें। लेकिन मंत्री गोलमोल जवाब देते रहे और पूरा जवाब देने की अनुमति मांगते रहे। इसके बाद उन्होंने फिर नियमों की व्याख्या शुरू कर दी।स्पष्ट जवाब न मिलने पर कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताया, जिससे सदन में हंगामा हो गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री यह तक स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि राजस्व रिकॉर्ड में कटानी रास्ता दर्ज किया जाएगा या नहीं। इस पर स्पीकर ने टिप्पणी की कि मंत्री के पास फिलहाल कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। स्पीकर ने बाद में सवाल का लिखित और स्पष्ट जवाब दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद सदन में चल रहा हंगामा शांत हुआ।
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