झारखंड में JSSC CGL परीक्षा से जुड़े कथित पेपर गड़बड़ी मामले में सीआईडी ने मुख्य आरोपी विनय कुमार साह उर्फ हरिहर सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले की सुनवाई 13 फरवरी को होगी। विनय कुमार को 20 नवंबर 2025 को गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया था।
साजिश की रूपरेखा
सीआईडी के अनुसार, विनय कुमार साह ने अपने सहयोगियों के साथ रांची के डोरंडा स्थित एक होटल में परीक्षा में गड़बड़ी की साजिश रची थी। आरोपी और उसके सहयोगियों ने अभ्यर्थियों को रक्सौल बॉर्डर के रास्ते नेपाल ले जाकर परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र और उत्तर उपलब्ध कराए। इसके बदले में आरोपी के खाते में 1 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने का संकेत भी मिला।
परीक्षा और जांच का विवरण
इस मामले की परीक्षा 22 सितंबर 2024 को आयोजित हुई थी। सीआईडी ने अपनी जांच में पाया कि परीक्षा में गड़बड़ी की साजिश तो रची गई थी, लेकिन पेपर लीक नहीं हुआ। पिछले साल 3 दिसंबर को हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद 8 दिसंबर को अंतिम मेधा सूची जारी हुई जिसमें 1932 उम्मीदवार सफल घोषित किए गए।
आरोपी और अन्य दोषी
चार्जशीट के अनुसार, इस केस में विनय कुमार साह के अलावा मनोज कुमार, शशिभूषण दीक्षित और संदीप त्रिपाठी भी शामिल हैं। आरोपियों ने गड़बड़ी की बात स्वीकार की है। यूपी एसटीएफ ने झारखंड से मिली इनपुट के आधार पर विनय को गिरफ्तार किया था। उनके पास नेपाली और भारतीय सिम कार्ड भी पाए गए।

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