जयपुर। राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर द्वारा उदयपुर संभाग में कार्यरत पशु चिकित्सकों की विधिक एवं तकनिकी दक्षता सुदृढ करने के उद्देश्य से फोरेंसिक एस्पेक्टस ऑफ वेटेरो-लीगल केसेज विषयक पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। संस्थान के डॉ. ओमप्रकाश साहू ने बताया कि कार्यशाला भारत सरकार की एलएचडीसीपी एण्ड एएससीएडी योजना के अन्तर्गत आयोजित की गई।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि संभागीय अतिरिक्त निदेशक डॉ. परमजीत सिंह, विधि विज्ञान प्रयोगशाला, उदयपुर व अध्यक्षता डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी, संयुक्त निदेशक राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर, विशिष्ट अतिथि डॉ लक्ष्मीनारायण मीणा, अतिरिक्त निदेशक, क्षेत्र पशुपालन विभाग, डॉ. परमजीत सिंह अतिरिक्त निदेशक, क्षेत्रिय विधि विज्ञान प्रयोगशाला उदयपुर थे। डॉ. परमजीत सिंह ने बताया कि कार्यशाला पशु चिकित्सकों के वेटेरो लिगल केसेज समाधान में कौशलता प्रदान करेगी। ज्ञान एवं विज्ञान का समावेश होने पर ही सही न्याय की अपेक्षा की जा सकती है। सरकार द्वारा किसानों की आय दुगुनी करने में पशु चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका है एवं आज की कार्यशाला इस कार्य में मील का पत्थर साबित होगी। इस अवसर पर संस्थान द्वारा प्रकाशित पशु चिकित्सा में फोरेंसिक पहलुओं का समावेश विषयक पुस्तिका का विमोचन किया।

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