नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) नए बदलाव के साथ ही पार्टी को चुनावी और संसदीय मोड में पूरी तरह शिफ्ट करने का संकेत दे रही है. जनवरी के अंत में आगामी बजट सत्र जो 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा, इसे लेकर पार्टी विशेष तैयारियां कर रही है.
पार्टी सूत्रों की माने तो भाजपा में नए अध्यक्ष नितिन नबीन ने 20-21 जनवरी को भाजपा मुख्यालय में वरिष्ठ पदाधिकारियों, प्रदेश प्रभारियों, राज्य अध्यक्षों और अन्य नेताओं के साथ लंबी बैठकें कीं, जो लगभग 8 घंटे तक चली.
इन बैठकों के दौरान ही पार्टी के प्रवक्ताओं की भी बैठक हुई और इन बैठकों का फोकस मुख्य रूप से आगामी विधानसभा चुनावों (पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु आदि) पर था, लेकिन संसद सत्र की तैयारियों पर भी चर्चा हुई. इसमें विपक्ष की तरफ से सरकार पर आरोप प्रत्यारोप लगाए जाने वाले संभावित विषयों पर भी पूरी तैयारी के साथ मीडिया में जाने की नेताओं को सलाह दी गई.
बैठक में सांसदों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संसद में लाइव डिबेट, जीरो ऑवर, प्रश्नकाल, मीडिया बाइट्स या किसी भी सार्वजनिक इंटरैक्शन से पहले पूर्ण होमवर्क जो तथ्य-आधारित तैयारी हो जरूर करके जाएं. ना सिर्फ प्रवक्ताओं को बल्कि हर सांसद को विशिष्ट ब्रिफिंग मटेरियल प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सरकार की प्रमुख उपलब्धियां जैसे आर्थिक सुधार, योजनाओं का प्रभाव, बजट से जुड़े पॉइंट्स आदि, विपक्ष के संभावित हमलों के काउंटर पॉइंट्स, आंकड़े, और पार्टी लाइन शामिल हैं.
सूत्रों के मुताबिक नए अध्यक्ष नितिन नबीन ने जोर दिया कि कोई भी बयान या जवाब अनुशासित, तथ्यपूर्ण और आक्रामक रक्षा वाला होना चाहिए, ताकि विपक्ष के घेराव में सरकार मजबूत दिखे. विपक्ष (खासकर INDIA गठबंधन) इस सत्र में महंगाई, बेरोजगारी, किसान मुद्दे, आर्थिक असमानता, आरक्षण, मणिपुर/अन्य हिंसा जैसे कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बना रहा है.
पार्टी सूत्रों की माने तो भाजपा ने सांसदों को इन सभी मुद्दों पर डिटेल्ड रिस्पॉन्स तैयार करने को कहा है, जिसमें सरकार की उपलब्धियां जैसे डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत,और हालिया योजनाओं का डेटा प्रमुखता से पेश किया जाए.
संसद सत्र से पहले 27 जनवरी 2026 को सर्वदलीय बैठक हो रही है, जहां सत्र की रूपरेखा पर चर्चा होगी. साथ ही भाजपा के नेताओं को स्पष्ट निर्देश हैं कि यहां भी वो मजबूत तैयारी के साथ जाएं. सूत्री की माने तो पार्टी का लक्ष्य है कि सत्र के दौरान सरकार की छवि मजबूत रहे और कोई कमजोरी न दिखे, खासकर मीडिया कवरेज में.
हालांकि, इस मुद्दे पर पर पार्टी के नेताओं को बोलने से मना किया गया है. नाम न लेने की शर्त पर एक राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी में बैठक होती रहती है और जहां तक बात बजट सेशन की है विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है. पश्चिम बंगाल और कई राज्यों के चुनाव हैं.
उन्होंने कहा कि, खासतौर पर कांग्रेस और टीएमसी एसआईआर से लेकर तमाम ऐसे मुद्दे पर हंगामा कर रही है, ताकि वो चुनावी मैदान में जनता को दिखा सके कि वो उनके लिए काम कर रही है. मगर अब जनता समझ गई है और इन पार्टियों की साजिश नाकाम होने वाली है.

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