भोपाल : जनजातीय कार्य विभाग की सभी परियोजनाओं एवं योजनाओं को मार्च-2027 तक पूर्ण किया जाये। प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के लाभार्थियों का पृथक से डाटा तैयार किया जाये। केन्द्रीय सचिव जनजातीय कार्य मंत्रालय श्रीमती रंजना चोपड़ा ने यह बात शुक्रवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश जनजातीय कार्य की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार के सांदीपनी विद्यालय की इस पहल की सराहना की। अधोसंरचनात्मक कार्यों को गुणवत्तापूर्ण करने के भी निर्देश दिये। केन्द्रीय सचिव श्रीमती चोपड़ा को प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. समीता राजौरा ने अनुसूचित जाति-जनजाति की कलाकृति भेंट की।
केन्द्रीय सचिव श्रीमती चोपड़ा ने पीएम जनमन के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिये सबको पक्का घर, गाँव-गाँव तक सड़क, हर घर नल से जल, मोबाइल मेडिकल यूनिट, छात्रावास, आँगनवाड़ी केन्द्र, वन धन विकास केन्द्र, बहुउद्देश्यीय केन्द्र, हर घर बिजली-ऑनग्रिड एवं ऑफग्रिड एवं मोबाइल कनेक्टिविटी के लक्ष्य और उसकी प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान केन्द्रीय सचिव श्रीमती चोपड़ा ने प्रदेश में किये जा रहे पीएम जन-मन योजना के कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से जनजाति वर्ग को दोहरा लाभ होगा।
केन्द्रीय सचिव श्रीमती चोपड़ा ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजनाओं में सेचुरेशन की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने धरती आबा अभियान का लक्ष्य मार्च-2029 तक पूर्ण करने के भी निर्देश दिये।
बैठक में प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग गुलशन बामरा, सचिव श्रीमन शुक्ला, सचिव वन अतुल मिश्रा, सचिव ऊर्जा विशेष गढ़पाले, अपर सचिव नव एवं नवकरणीय ऊर्जा वीरेन्द्र कुमार, संचालक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आशीष वशिष्ठ, संचालक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. सलोनी सिडाना, अपर सचिव पंचायत एवं ग्रामीणविकास दिनेश जैन, संचालक मछुआ कल्याण एम.के. पथरोलिया, उप संचालक किसान कल्याण हरीश मालवीय और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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