नई दिल्ली । महाराष्ट्र (Maharashtra) के ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव (Ambernath Municipal Council Elections) के बाद सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस (Congress) ने स्थानीय स्तर पर भाजपा (BJP) के साथ मिलकर मोर्चा बनाने और पार्टी नेतृत्व को सूचित किए बिना निर्णय लेने के आरोप में अपने सभी 12 नवनिर्वाचित पार्षदों और ब्लॉक अध्यक्ष को निलंबित कर दिया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर कांग्रेस नेता का कहना है कि यह भाजपा के साथ कोई औपचारिक गठबंधन नहीं था। उन्होंने कहा कि स्थानीय मुद्दों को लेकर पार्षदों द्वारा उठाया गया एक कदम था। जानिए अंबरनाथ नगर निकाय के चुनाव परिणाम के बाद पैदा हुए इस विवाद की पूरी सच्चाई और क्यों पार्टी को अपनी पूरी ब्लॉक यूनिट भंग करने जैसा बड़ा फैसला लेना पड़ा।
शिवसेना को ऐसे बाहर किया
ठाणे जिले के अंबरनाथ कस्बे में भाजपा ने कांग्रेस और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ चुनाव के बाद समझौता किया था और बहुमत के जादुई आंकड़े 31 सीट को प्राप्त करने में सफल हुई। हालांकि, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 27 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। प्रतिद्वंद्वी पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर हुए विवाद के बाद, कांग्रेस ने पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की।
यूनिट ही भंग
कांग्रेस ने अपने अंबरनाथ ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल को भी निलंबित कर दिया है। पार्टी की महाराष्ट्र इकाई ने एक पत्र में उन्हें सूचित किया है कि ब्लॉक इकाई भी भंग कर दी गई है।
पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर निर्वाचित हुए सभी पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। इसमें कहा गया कि स्थानीय निकाय में भाजपा के साथ गठबंधन करने का निर्णय पार्टी के राज्य नेतृत्व को सूचित किए बिना लिया गया था।
इसी बीच, कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा, ‘स्थानीय स्तर पर शिवसेना के कथित भ्रष्टाचार का विरोध करने के लिए निर्दलीय पार्षदों सहित कई पार्षदों ने पार्टी चिह्नों और संबद्धताओं को दरकिनार करते हुए अंबरनाथ विकास मोर्चा (अंबरनाथ विकास अघाड़ी) का गठन किया है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘कांग्रेस और भाजपा के बीच कोई औपचारिक गठबंधन नहीं है। लेकिन समर्थन बिना अनुमति के किया गया था, इसलिए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।’
कांग्रेस के बारह, भाजपा के 14, राकांपा के चार और एक निर्दलीय नवनिर्वाचित पार्षद ने 31 दिसंबर को भाजपा के स्थानीय कार्यालय में बैठक की और गठबंधन बनाने की जानकारी ठाणे के जिला अधिकारी को देते हुए एक पत्र सौंपा।
सीट का गणित
अंबरनाथ नगर निकाय सदन में कुल 60 सदस्य हैं। 20 दिसंबर को हुए चुनावों में, शिवसेना ने 27 सीटें जीतीं, जो बहुमत से मात्र चार कम थीं। भाजपा को 14, कांग्रेस को 12, राकांपा को चार सीट मिलीं, जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

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