इंदौर भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी के कारण कई लोगों की मौत हो गई. जबकि कई लोग अभी भी इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं. इस घटनाक्रम के बाद अब भागीरथपुरा में रहने वाले लोगों में भी दशहत है. जिसके कारण भागीरथपुरा के कुछ रहवासी अपने रिश्तेदारों के यहां रहने चले गए हैं. जो लोग वहां पर किराए से रह रहे थे वह अपने गांव वापस पलायन कर रहे हैं.
मौतों के बाद भागीरथपुरा में दहशत का माहौल
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण कई लोग बीमार हुए और कई लोग की मौत हो गई. उसके बाद प्रशासन हरकत में आया और नगर निगम व जिला प्रशासन द्वारा इंदौर में विभिन्न तरह की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के काम किए जा रहे हैं. लेकिन लोगों में अभी भी दशहत का माहौल है. जिसके कारण भागीरथपुरा में रहने वाले कुछ लोग अपने इंदौर के ही अलग-अलग क्षेत्र में रहने वाले कुछ रिश्तेदारों के यहां चले गए.
पलायन करने को मजबूर रहवासी
सागर के रहने वाले शुभम कोरी अपनी पत्नी रोशनी कोरी, दो बच्चों और मां के साथ पिछले 9 महीनों से भागीरथपुरा में रह रहे हैं. लेकिन अचानक से भागीरथपुरा में दूषित पानी की चपेट में उनकी मां और छोटा बेटा आ गया. गंदे पानी के सेवन करने के कारण वह बीमार हो गए. जिसके कारण वह काफी दहशत में आ गए और उसके बाद अब वह भागीरथपुरा छोड़कर वापस अपने गांव सागर रहने के लिए जा रहे हैं.
भागीरथपुरा में अधिकतर लोग यूपी और बिहार के
शुभम कोरी की पत्नी रोशनी का कहना है कि, ''वह इंदौर में काम की तलाश में कई सपने लेकर आए थे. लेकिन गंदे पानी के कारण आज वह भागीरथपुरा छोड़कर अपने ही गांव सागर में रहने के लिए जा रहे हैं.'' ऐसे कई और परिवार हैं जो गुपचुप तरीके से वहां से पलायन कर गए. भागीरथपुरा में अधिकतर बिहार और उत्तर प्रदेश के मेहनत मजदूरी करने वाले लोग निवास करते थे. गंदे पानी से मौत के मामले सामने आने के चलते वह गुपचुप तरीके से अपना कामकाज समेट कर वहां से पलायन कर अपने गांव रवाना हो गए.

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