बोरदुवा (असम): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह बांग्लादेशी घुसपैठियों को अपना वोट बैंक मानती है. चुनाव वाले राज्य असम के अपने दौरे के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को विरोधी कांग्रेस पर कड़ा हमला किया.
उन्होंने कांग्रेस को बांग्लादेशी घुसपैठियों का रक्षक बताया. शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी की बांग्लादेशी घुसपैठियों को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करने की पॉलिसी ने असम के मूल निवासियों, उनकी पहचान और उनकी पुरखों की जमीनों को खतरा पैदा कर दिया है.
यहां नागांव जिले के बोरदुवा (बटद्रवा) में एक रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र न केवल असम से बल्कि पूरे भारत से भी पड़ोसी देश से आने वाले सभी अवैध अप्रवासियों की पहचान करेगा. शाह ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल असम के लोगों की सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित की है, बल्कि राज्य के हर तरह के विकास पर भी ध्यान दिया है.
बता दें कि, गृह मंत्री अमित शाह ने यहां नागांव जिले में वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान, बटद्रवा थान के 227 करोड़ रुपये के पुनर्विकास परियोजना का उद्घाटन किया. इस दौरान शाह ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक मौका है कि श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान को 'अतिक्रमण से मुक्त' कर दिया गया है. शाह ने आगे कहा कि, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की नेतृत्व वाली असम सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से 1 लाख बीघा से ज्यादा जमीन मुक्त करवाया है.
असम में 2026 की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं, इसलिए शाह ने लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील करने का मौका नहीं छोड़ा. उन्होंने रैली में लोगों से कहा, "असम को घुसपैठियों से मुक्त बनाने के लिए भाजपा को और पांच साल दीजिए." उन्होंने कहा, ''हम न सिर्फ असम से बल्कि पूरे भारत से भी सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करेंगे.'' शाह ने आगे कहा कि शंकरदेव ने 'एक भारत' का नारा दिया था, जिसे अब प्रधानमंत्री मोदी पालन कर रहे हैं.
इस बात पर जोर देते हुए कि असम पूर्वोत्तर का ग्रोथ इंजन बन गया है और इस इलाके को विकास की ओर ले जा रहा है, शाह ने बताया कि इन 11 सालों में पीएम मोदी 80 बार पूर्वोत्तर इलाकों का दौरा किया, जिसमें से मोदी 36 बार वे असम आए हैं, जिससे पता चलता है कि भाजपा सरकार पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर ध्यान दे रही है.
रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, प्रधानमंत्री ने असम में शांति और विकास पक्का करने के लिए कदम उठाए हैं, जो सिर्फ कागज पर नहीं बल्कि हकीकत है. उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों में भाजपा सरकार ने राज्य में अलग-अलग मिलिटेंट ग्रुप के साथ शांति समझौते किए हैं और इन समझौतों के 92 प्रतिशत क्लॉज पूरे किए गए हैं.

More Stories
Nitish Kumar ने फेसबुक पोस्ट कर दी जानकारी, राज्यसभा जाने का किया ऐलान
नहीं चली Aaditya Thackeray की, राज्यसभा जाएंगे Sharad Pawar
पीएम मोदी ने राजनीतिक और नैतिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया: Mallikarjun Kharge का बड़ा आरोप