नई दिल्ली। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जवाहरलाल नेहरू के समय में वोट चोरी के दावे का खंडन कर कहा कि केंद्रीय मंत्री शाह को इस विषय की बुनियादी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उस समय मतपत्र होते थे, इसलिए वोटों की चोरी या हेराफेरी जैसी कोई घटना संभव ही नहीं थी। डीके ने कहा कि केंद्रीय मंत्री शाह को वोट चोरी की बुनियादी जानकारी होनी चाहिए। तब मतपत्र होते थे, और अब नहीं हैं। इसके पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शाह पर अपना हमला जारी रखा। राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री ने उनके किसी भी प्रश्न का सीधा उत्तर नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि कल शाह बहुत घबराए हुए थे। उन्होंने गलत भाषा का प्रयोग किया, उनके हाथ कांप रहे थे…वे अत्यधिक मानसिक दबाव में हैं। मैंने उनसे जो पूछा, उन्होंने उसका सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया। मैंने उन्हें सीधे चुनौती दी है कि वे मैदान में आएं और संसद में मेरी सभी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर चर्चा करें। मुझे कोई जवाब नहीं मिला।
लोकसभा में तनाव तब बढ़ गया जब शाह और राहुल गांधी के बीच “वोट चोरी” के आरोपों पर तीखी बहस हुई। गांधी ने शाह को बार-बार प्रेसवार्ता में उठाए गए मुद्दों पर बहस करने की चुनौती दी, जिसमें मतदाता सूची में अनियमितताओं के दावे भी शामिल थे। शाह ने दृढ़ता से जवाब देकर कहा कि संसद उनकी मर्जी से नहीं चलेगी और कहा कि वे सभी सवालों का जवाब अपने क्रम में देने वाले है।

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