श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में 25 नवंबर को ध्वजारोहण का भव्य आयोजन होने जा रहा है. मंदिर पर इस धम्रध्वज का लहराना, राम मंदिर के ऐतिहासिक और दिव्य निर्माण के सफल समापन की घोषणा करेगा. सूर्यवंशी परंपरा से तैयार इस ध्वज को मंगलवार के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभिजीत मुहूर्त में लहराएंगे. ध्वजारोहण के अनुष्ठान का नेतृत्व व प्रसिद्ध विद्वान पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ करेंगे और उन्होंने ही यह मुहूर्त भी निकाला है. आइए जानते हैं, क्यों इस भव्य आयोजन के लिए अभिजीत मुहूर्त को ही चुना गया? साथ ही क्यों बनाया गया है इस ध्वज पर कोविंदर का वृक्ष, क्या है इसकी विशेषता. जानिए इस आयोजन के बारे में सबकुछ.

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