झारखंड में Jharkhand Board Exam Fee Hike का सीधा असर लाखों छात्रों पर पड़ने वाला है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2026 के आवेदन शुल्क में 35% तक की बढ़ोतरी कर दी है। ई-कल्याण छात्रवृत्ति के नहीं मिलने से पहले से परेशान छात्र अब दोहरी आर्थिक मुश्किल झेल रहे हैं। कई विद्यार्थी दैनिक खर्चों और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाने में पहले ही संघर्ष कर रहे थे।
मैट्रिक की नई फीस संरचना
JAC के अनुसार, मैट्रिक में छात्राओं और SC, ST, BC-1 और BC-2 वर्ग के छात्रों को अब 980 रुपये देने होंगे। वहीं सामान्य और EWS श्रेणी के छात्रों के लिए फीस 1180 रुपये तय की गई है। प्राइवेट परीक्षार्थियों को भी 1180 रुपये का शुल्क देना होगा।
लेट फाइन की बात करें तो सभी श्रेणियों में 500 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
इंटरमीडिएट छात्रों के लिए बढ़ी फीस
इंटर परीक्षार्थियों के लिए भी फीस में वृद्धि की गई है। SC, ST, BC-1 और BC-2 वर्ग के छात्रों को 1100 रुपये का भुगतान करना होगा। सामान्य और EWS श्रेणी के छात्रों तथा प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए नई फीस 1400 रुपये तय की गई है। री-एग्जाम और रिजल्ट इम्प्रूवमेंट के लिए भी इसी तरह शुल्क बढ़ा है।
जैक अध्यक्ष का बयान और बढ़ती चिंताएँ
JAC अध्यक्ष नटवा हांसदा ने बताया कि कई वर्षों से परीक्षा शुल्क नहीं बढ़ाया गया था, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। इसलिए फीस वृद्धि को आवश्यक समझा गया। उन्होंने कहा कि छात्रों पर अधिक भार न पड़े, इसका ध्यान रखा गया है।
हालांकि शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों का कहना है कि Jharkhand Board Exam Fee Hike का सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण छात्रों पर पड़ेगा। फीस बढ़ोतरी को कई लोगों ने विद्यार्थियों के हितों के विपरीत बताया है। नई शुल्क संरचना को लेकर स्कूलों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।

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