भोपाल : मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं अंतर्राष्ट्रीय अनुभवों के आदान-प्रदान के उद्देश्य से रवांडा (अफ्रीका) से आए प्रतिनिधिमंडल एवं यूएनएफपीए सदस्यों ने आज शासकीय कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय, भोपाल का भ्रमण किया। रवांडा प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की स्वच्छता, आधुनिक सुविधाओं, समर्पित स्टाफ और नवजात शिशु स्वास्थ्य के लिये किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से “ह्यूमन मिल्क बैंक” की पहल को अभिनव और प्रेरणादायक बताया तथा इसे रवांडा में लागू करने योग्य मॉडल बताया। नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया कि अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
प्रतिनिधिमंडल में डॉ. फ्रांस्वा रेगिस सायिज़ा, डायरेक्टर (मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम इकाई, रवांडा बायोमेडिकल सेंटर), सुएस्परेंस नडेंगा, सुमेरी क्लेयर इर्यान्यावेहरा (यूएनएफपीए रवांडा) सहित यूएनएफपीए मध्यप्रदेश के सुनील थॉमस एवं अनुराग सोनवलकर शामिल रहे। नोडल अधिकारी डॉ. दुबे ने टीम को अस्पताल की विभिन्न इकाइयों — “शक्ति” प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी सेंटर, एएनसी/पीएनसी वार्ड, मानव मिल्क बैंक और लेबर रूम का अवलोकन कराया। इस दौरान अधीक्षक डॉ. बलराम उपाध्याय भी उपस्थित रहे।

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