गाजियाबाद । गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए 137 करोड़ का बजट आवंटित हुआ, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती के कारण सितंबर तक केवल 25 करोड़ ही खर्च हो पाए। अस्पतालों में संसाधनों की कमी है, कई जगह अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएँ भी नहीं हैं। सबसे कम खर्च अर्बन पीएचसी का हुआ है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विकास बाधित है। जिले के अधिकारी इस तिजोरी का ताला धीमी गति से खोल रहे हैं। आलम यह है कि सितंबर माह तक अधिकारियों की कंजूसी के चलते आवंटित बजट 137 करोड़ के सापेक्ष केवल 25 करोड़ ही खर्च हुआ है। यह स्थिति तब है जबकि जिले के सरकारी अस्पतालों से लेकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक में मेडिकल संसाधनों का टोटा है।

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