भोपाल: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने के साथ कहां पहुंचा. इस शताब्दी वर्ष में 1 लाख पंथ संचलन और 5 लाख 97 हजार गांवों में घर-घर दस्तक के साथ कहां पहुंचने का लक्ष्य है. इस पूरे वर्ष में होने वाले हिंदू सम्मेलन जिनमें धर्म की व्याख्या घंटी चोटी, मंदिर और मस्जिद अजान सहित गुरुद्वारे से अलग होगी. सद्भावना बैठकों का संदेश क्या होगा. प्रबुद्ध जनों के साथ मंथन चिंतन का एजेंडा क्या है.
मध्य भारत प्रांत के प्रांत संघचालक अशोक पाण्डे ने तमाम विषयों पर बेबाकी से बातचीत की और बताया कि संघ का 100 वर्ष पूर्ण कर लेना आरएसएस के लिए क्यों प्रसन्नता और उत्सव का विषय नहीं है. उन्होंने संघ के आधार पर हिंदू की परिभाषा भी बताई. ये भी बताया कि जबकि मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में संघ की विचारधारा वाले राजनीतिक दल की सत्ताएं हैं फिर भी संघ का विचार फलीभूत होने में अड़चन कहां हैं.

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