व्यापार: भारतीय अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को विकास की रीढ़ कहा जाता है। यह क्षेत्र न केवल करोड़ों लोगों को रोजगार देता है, बल्कि नवाचार को बढ़ावा देने और स्थानीय व क्षेत्रीय विकास को गति देने में भी बड़ी भूमिका निभाता है। इन्हीं संभावनाओं और चुनौतियों पर चर्चा के लिए अमर उजाला की ओर से ‘एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया जा रहा है।
MSME फॉर भारत कॉन्क्लेव की जानकारी
रोहतक में MSME फॉर भारत कॉन्क्लेव का आयोजन 18 सितंबर को दोपहर 11 से 2 बजे तक होगा। इसका अयोजन स्थल राधाकृष्णन सभागार, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय है। इस अवसर पर उद्योग, व्यापार और विकास जगत से जुड़े कई प्रमुख लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्री राजेश नागर होंगे।
कॉन्क्लेव का उद्देश्य
इस मंच पर विशेषज्ञ डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, वित्त तक आसान पहुंच, सप्लाई चेन के आधुनिकीकरण, निर्यात विस्तार, कौशल विकास और नीति सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा करेंगे। साथ ही, फंडिंग के नए विकल्प, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की आधुनिक तकनीकें तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यावहारिक उपयोग पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
कॉन्क्लेव में विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने, एमएसएमई को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के जरिए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन एमएसएमई क्षेत्र को नई तकनीक और वित्तीय अवसरों से जोड़ने, वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने और भविष्य की रणनीतियों को दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। रोहतक समेत देशभर के उद्यमियों के लिए यह कॉन्क्लेव एक अनूठा अवसर होगा, जहां उद्योग और व्यापार जगत के दिग्गज अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे।
आइए जानते हैं देश की अर्थव्यवस्था में हरियाणा के जिले रोहतक के एमएसएमई क्षेत्र की महत्ता के बारे में।
रोहतक के हल्के उद्योग की खासियत
हरियाणा का रोहतक अनाज और कपास के बड़े व्यापार केंद्र के रूप में जाना जाता है। यहां हल्के उद्योग भी सक्रिय हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं।
शहर दिल्ली-फिरोजपुर मुख्य रेलमार्ग पर स्थित है, जिससे यह उत्तर भारत के व्यापारिक नक्शे में अहम कड़ी बनता है। साथ ही, रोहतक क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क का प्रमुख हब है, जहां से दिल्ली, भिवानी, पानीपत और अन्य शहरों तक सुगम संपर्क है।
व्यापार और परिवहन दोनों मोर्चों पर अपनी मजबूत स्थिति के चलते रोहतक लगातार औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है।
उद्योग की चुनौतियां
यहां उद्योगों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ता ट्रैफिक और महंगा लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे पर दबाव डालते हैं, जबकि अनाज और कपास का कारोबार मौसमी होने के कारण अस्थिर रहता है। छोटे व मझोले उद्यमों को पूंजी और सस्ते ऋण की कमी परेशान करती है। साथ ही, बड़े औद्योगिक हब से प्रतिस्पर्धा और पारंपरिक तकनीक पर निर्भरता स्थानीय उद्योगों की विकास गति को धीमा कर रही है।

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