भोपाल: मानूसन के दूसरे दौर में भारी और तूफानी बारिश से प्रदेश को हलाकान करने वाला सिस्टम कुछ कमजोर पड़ा है। बीते 15 दिन से प्रदेश में एमएम के बजाय इंच में बारिश दर्ज हो रही थी। दो दिन से हल्की राहत है। कई जिलों में धूप खिली तो कहीं धूप—छांव का खेल चल रहा है। इधर शुक्रवार को प्रदेश के चार जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के चार-पांच जिलों को छोड़कर कहीं भी ज्यादा या भारी बारिश की आशंका नहीं है। अनूपपुर, बालाघाट, डिंडौरी और मंडला में शुक्रवार को भारी बारिश की संभावना बनी है। केवल इन्हीं जिलों के लिए यलो अलर्ट दिया गया है। बाकी जगह या तो सामान्य वर्षा होगी या मौसम खुला रह सकता है। बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
अमरकंटक में सबसे ज्यादा, सागर में सबसे कम बारिश
अमरकंटक में सबसे ज्यादा 41 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इसी प्रकार केसली में 34.2 एमएम, मोहगांव में 32.52, बिछिया में 28.8, जैतपुर में 26 एमएम, डिंडौरी में 25.1 एमएम, करांकिजया में 25 एमएम बारिश हुई है। इसके अलावा प्रदेश 60 से अधिक स्थानों में एक इंच से नीचे बारिश दर्ज हुई हे। सबसे कम बारिश सागर में दर्द की गई है।
एमपी में कहां कितनी बारिश हुई
मध्यप्रदेश में तेज बारिश का सिलसिला रुक गया है। हालांकि कुछ जिलों में हल्की से लेकर तेज बारिश तक हो रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, शिवपुरी, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा सहित एक दर्जन से अधिक जिलों में बारिश हुई। प्रमुख जिलों में बारिश की आंकड़े को देखें तो नर्मदापुरम में 0.6, पचमढ़ी में दो, छिंदवाड़ा में 11.4, मंडला में पांच, नरसिंहपुर में एक, टीकमगढ़ में एक और बालाघाट में 22.8 मिलीमीटर पानी बरसा। गुरुवार दिनभर बारिश का आंकड़ा देखें तो बालाघाट में 24, नरसिंहपुर में दो, मंडला में 10, नर्मदापुरम में 11 मिलीमीटर पानी बरस गया।
यहां बारिश थमते ही बड़ी पारे की रफ्तार
अधिकतम तापमान की स्थिति को देखें तो भोपाल में 31.4, ग्वालियर में 34.2, उज्जैन में 32.2, जबलपुर में 32.1, सतना में 33.5, खजुराहो में 35, टीकमगढ़ में 34 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ।

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