नई दिल्ली। दिल्लीवालों के बिजली बिल में अब हर महीने बदलाव देखने को मिल सकता है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने एक प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) उपभोक्ताओं के बिल में फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएसी) जोड़ दिल्लीवालों के बिजली बिल में अब हर महीने बदलाव देखने को मिल सकता है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी ) ने एक प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) उपभोक्ताओं के बिल में फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएसी) जोड़ सकेंगी। इसके लिए कंपनियों को अब पहले से डीईआरसी की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। अभी तक बिजली कंपनियों को यह अतिरिक्त शुल्क (पीपीएसी) बढ़ाने के लिए डीईआरसी से अनुमति लेनी पड़ती थी। प्रस्ताव के मुताबिक, डीईआरसी ने अपनी 2017 की टैरिफ नियमावली में बदलाव का सुझाव दिया है। इस पर जनता और अन्य हितधारकों से 24 सितंबर तक सुझाव मांगे गए हैं। अगर यह लागू होता है तो दिल्ली में बिजली खरीद पर होने वाले खर्च की गणना हर महीने की जाएगी और उसके आधार पर उपभोक्ताओं के बिल में सीधे 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क जोड़ा जा सकेगा। पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (पीपीएसी) वह अतिरिक्त शुल्क है जो बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं से वसूलती हैं। यह उनकी बिजली खरीद और ईंधन की लागत पर आधारित होता है। अभी तक यह हर तीन महीने में तय होता है और इसे बढ़ाने के लिए डीईआरसी की अनुमति जरूरी होती है। आम तौर पर गर्मियों में मांग बढ़ने पर यह ज्यादा हो जाता है और सर्दियों में घट जाता है।

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