रोहतक
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सोमवार सुबह रोहतक जिले में अपने पैतृक गांव बनियानी पहुंची। इस दौरान उन्होंने माता-पिता की निशानी स्वरूप अपने पैतृक घर का दौरा किया। साथ ही गांव में आधारभूत विकास के लिए चलाए जा रहे कार्यों का लिया जायजा। मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक घर को गांव और समाज के नाम करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस घर में बच्चों के लिए ई-लाइब्रेरी बनाई जाए।
इससे पहले देर शाम को मुख्यमंत्री मनोहर लाल रोहतक पहुंचे थे। यहां से सोमवार सुबह भिवानी के लिए रवाना हुए। भिवानी जाते हुए वे अपने पैतृक गांव में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका बहुत सौभाग्य है कि वे अपने पैतृक गांव में आए हैं। उन्होंने कहा कि यह गांव उनके लिए बहुत ही दर्शनीय है। क्योंकि उनका बचपन यहां बीता है और पढ़ाई यहां हुई है। माता-पिता की निशानी उनका पैतृक घर भी गांव में है। जिसका उन्होंने दौरा किया। गांव का मकान भी उनके नाम है। यह मकान गांव के काम आना चाहिए।
200 गज का घर गांव को समर्पित किया
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस घर के साथ लगता उनके चाचा के बेटे का मकान है। दोनों को मिलाकर करीब 200 गज का घर गांव को समर्पित कर दिया। ताकि गांव के लोग यहां आने वाली पीढ़ी के लिए पढ़ाई के नाते से एक लाइब्रेरी की व्यवस्था हो जाए। यहां पर ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था करेंगे। गांव के लोग इसका उपयोग जो करना चाहेंगे, वह कर सकते हैं। इस घोषणा को करते हुए बहुत खुशी हो रही है।
सीएम खट्टर ने की थी इलेक्ट्रिक सिटी बस सर्विस की शुरुआत
बता दें कि सीएम खट्टर ने पानीपत से रविवार को इलेक्ट्रिक सिटी बस सर्विस की शुरुआत की थी. इस दौरान सीएम खट्टर ने खुद बस में बैठकर यात्रा भी की. पहले चरण में पानीपत और जगाधरी-यमुनानगर में बसों को चलाया गया है. वहीं प्रदेश के सात शहरों में नए बस संस्थान बनने के बाद इलेक्ट्रिक सिटी बस सर्विस शुरुआत की जाएगी. पानीपत के अलावा पंचकूला, सोनीपत, अंबाला, रेवाड़ी, रोहतक, हिसार में इलेक्ट्रिक सिटी बस सर्विस की शुरूआत की जाएगी. परिवहन विभाग में 450 बसों को शामिल किया गया है.

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