इंदौर। कलेक्टर आशीष सिंह के आदेश पर पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी मूर्तियों के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन शुरू हो गया है। आज जिला प्रशासन ने शहर के दो अलग-अलग क्षेत्रों, बाणगंगा और मांगलिया में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1500 से अधिक पीओपी मूर्तियों को जब्त किया।
:: बाणगंगा और मांगलिया में कार्रवाई ::
– बाणगंगा में कार्रवाई : मल्हारगंज एसडीएम निधि वर्मा के नेतृत्व में बाणगंगा क्षेत्र में मूर्ति निर्माता विनोद, खेमकरण चितले और मनीष प्रजापति के ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान लगभग 130 बड़ी और 700 छोटी गणेश प्रतिमाएं जब्त की गईं। निर्माताओं के गोडाउन सील कर दिए गए।
– मांगलिया में कार्रवाई : सांवेर के एसडीएम घनश्याम धनगर की टीम ने मांगलिया सड़क क्षेत्र में बाबूलाल प्रजापत और राहुल भटूनिया के खिलाफ कार्रवाई की। उनके गोडाउन से भी लगभग 700 से अधिक छोटी-बड़ी पीओपी मूर्तियां जब्त कर गोडाउन को सील कर दिया गया।
:: कलेक्टर की चेतावनी और अपील ::
कलेक्टर आशीष सिंह ने स्पष्ट किया है कि पीओपी की मूर्तियां पानी में आसानी से नहीं घुलतीं और उनमें प्रयुक्त रसायन हानिकारक होते हैं, जिससे जल प्रदूषण बढ़ता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जिले में पीओपी मूर्तियों का निर्माण, भंडारण और विक्रय पूरी तरह से प्रतिबंधित है और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन ने आम नागरिकों से आगामी गणेशोत्सव में केवल पर्यावरण के अनुकूल मिट्टी से बनी मूर्तियों का ही उपयोग करने की अपील की है।

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