भारत में बनने वाले iPhone पर रहेगा टैरिफ का असर? टिम कुक ने जताई चिंता
नई दिल्ली।
एप्पल ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शानदार प्रदर्शन करते हुए 94.04 बिलियन डॉलर (लगभग 8.21 लाख करोड़ रुपये) का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में 10% अधिक है। हालांकि, कंपनी के सीईओ टिम कुक अमेरिकी ट्रेड पॉलिसीज के कारण भारत में बनने वाले iPhone पर टैरिफ के असर को लेकर चिंतित हैं।
टिम कुक ने कहा कि अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर iPhone अब भारत में बनते हैं, लेकिन अमेरिका की नई टैरिफ नीतियों के चलते कंपनी को चौथी तिमाही में ही 1.1 अरब डॉलर तक के टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि एप्पल के अधिकांश प्रोडक्ट IEEPA (इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट) के तहत जांच के दायरे में आते हैं।
ट्रंप की चेतावनी
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टिम कुक को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि iPhone का निर्माण अमेरिका से बाहर होता है, तो कंपनी को 25% तक टैरिफ चुकाना होगा। उन्होंने भारत को 'सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाले देशों में से एक' बताते हुए एप्पल के भारत में निर्माण का विरोध किया है।
भारत बना प्रोडक्शन का नया हब
इसके बावजूद एप्पल भारत में अपने विस्तार की गति तेज कर रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ योजना, सस्ती लेबर और सरकार के समर्थन से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। एप्पल वियतनाम में मैक, आईपैड और वॉच बनाता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए अभी भी बड़े पैमाने पर चीन पर निर्भर है।
अमेरिका में भी निवेश जारी
टैरिफ के दबाव के बीच टिम कुक ने अमेरिका में अगले चार वर्षों में 500 अरब डॉलर के निवेश की योजना की भी घोषणा की है। इसमें टेक्सास में नई एआई सर्वर फैक्ट्री और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग फंड को दोगुना करना शामिल है।

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