न्यूयॉर्क
अमेरिकी प्रेसीडेंट जो बाइडेन की भी डीपफेक का शिकार हो गए हैं। उनकी कुछ डीपफेक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो हंगामा मच गया। व्हाइट हाउस ने भी अपनी चिंता व्यक्त की। वहीं ब्लूमबर्ग के एक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि यह बिना सहमति वाली नग्नता की उसकी नीति के खिलाफ है और ऐसे वीडियो, फोटो को प्लेटफार्म से हटाने की कोशिशें की जा रही हैं। इससे पहले भारत में भी डीपफेक को लेकर चिंता जताई गई थी क्योंकि कई मशहूर हस्तियों की डीपफेक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल की गई थीं।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से बना डीपफेक
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करके डीपफेक तैयार किया जा रहा है और सोशल मीडिया के सहारे इसे वायरल किया जाता है। अमेरिका के कई हाई प्रोफाइल लोगों में डर समा गया है कि राष्ट्रपति चुनाव से पहले ऐसी तस्वीरें और वीडियो जारी करके मीडिया में उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा सकता है। अमेरिका में कई हाई प्रोफाइल लोग डीपफेक का शिकार हो चुके हैं। इनमें कई बड़े नाम हैं। हाल ही में जो बाइडेन की जो तस्वीर वायरल की गई है, उसमें वे रोबाकॉल के माध्यम में मृत बच्चों और किशोरों के मौत का विवरण दे रहे हैं, जबकि यह सच्चाई से एकदम दूर है।
व्हाइट हाउस ने जताई है चिंता
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग करके भ्रामक वीडियो और ऑडियो तैयार किए जा रहा है। एआई तकनीक के कारण इसके सोर्स का पता लगाना भी कठिन होता जा रहा है। 2024 की शुरूआत में इसमें तेजी आई है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने शुक्रवार को कहा कि झूठी तस्वीरों के प्रसार की रिपोर्टों से हम चिंतित हैं। हम इस मुद्दे से निपटने के लिए जो भी कर सकते हैं वह करने जा रहे हैं। साथ ही सोशल नेटवर्क पर एआई-जनित नकली सामग्री के प्रसार ने प्लेटफार्म पर निगरानी भी रखी जा रही है। इससे पहले भी सोशल मीडिया साइट एक्स पर कई तस्वीरें वायरल रही हैं।

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