जयपुर। वन, पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा ने अजमेर जिले में समीक्षा बैठक ली। संजय शर्मा ने वन विभाग की संभाग में प्रगति की जानकारी ली। हरियालो राजस्थान अभियान के अन्तर्गत अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर तथा टोंक जिलों में किए गए पौधारोपण से अवगत कराया गया। उन्होंने अभियान के लिए निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए कहा। विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश प्रदान किए गए। वन विभाग की नर्सरियों में आवश्यक अनुसार पौधे उपलब्ध रहने चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंच गौरव के घटक वन डिस्टिक वन स्पेशिज के अनुसार विभिन्न जिलों के लिए निर्धारित पेड़ों की प्रजाति के विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इन पेड़ों को संबंधित जिले में अधिक से अधिक लगाया जाना चाहिए। हरियालो राजस्थान के माध्यम से ही इन पेड़ो को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में लगाए गए पेड़ों की जीवितता निर्धारित मानदंडों के अनुसार रहनी चाहिए। जीवितता प्रतिशत की जांच तृतीय पक्ष द्वारा की जाएगी। इसकी त्रिस्तरीय जांच होने से क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकेगा। अधिकारियों को अधिकतम समय फिल्ड में रहना चाहिए। वनभूमि का संयुक्त सर्वे कराया जाने की आवश्यकता है। अजमेर-पुष्कर शहर के आसपास की पहाड़ियों पर अलग-अलग ऋतुओं में फलने वाले फूलों के पेड़ पौधे लगाने चाहिए। इससे यहां आने वाले पर्यटकों तथा तीर्थ यात्रियों के लिए नया आकर्षण का केन्द्र होंगे। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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