रायपुर: दवा निगम के अफसरों की लापरवाही अब मरीजों की जान पर भारी पड़ने लगी है। महासमुंद के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से ऑपरेशन थिएटर में उपयोग हो रहे सर्जिकल ब्लेड नंबर-22 में जंग और खराब पैकिंग की गंभीर शिकायत सामने आई है।
ये ब्लेड छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) द्वारा सप्लाई किए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, बैच नंबर जी-409 (एक्सपायरी मई 2029) वाले 500 ब्लेड में से 50 ब्लेड पूरी तरह जंग लगे हुए पाए गए। इनकी हालत इतनी खराब थी कि ऑपरेशन टेबल पर मरीज की जान जोखिम में पड़ सकती थी। संक्रमण और सेप्सिस का सीधा खतरा था।
बता दें कि सीजीएमएससी ने मुंबई की कंपनी गोल्डविन मेडिकेयर लिमिटेड से वर्ष 2023 में सर्जिकल ब्लेड की आपूर्ति के लिए रेट कांट्रैक्ट किया था।
राज्य भर के आंकड़े
प्रदेश के अस्पतालों से कुल 4,91,280 ब्लेड की मांग प्राप्त है।
अब तक 6,37,881 रुपये के 3,86,595 ब्लेड अस्पतालों को भेजे जा चुके हैं।
20,953 ब्लेड अप्रैल से अब तक विभिन्न अस्पतालों में वितरित हुए हैं।
28,005 ब्लेड फिलहाल सीजीएमएससी के गोदाम में रखे हैं।
मंत्रालय तक पहुंची शिकायत
महासमुंद अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सीजीएमएससी से तत्काल ब्लेड बदलने की मांग की है। साथ ही शिकायत पत्र और साक्ष्यों के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय, मेडिकल एजुकेशन विभाग सहित सात वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। यह मामला सीजीएमएससी की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
अस्पताल में जंग लगे ब्लेड भेजने को लेकर सीजीएमएससी की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई साहू का कहना है कि दवा और ब्लेड अस्पतालों से वापस मंगवाए गए हैं। दोनों की गुणवत्ता की दोबारा जांच कराई जाएगी। संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।

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