उमरिया। कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमड़ी से सोमवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। जादू-टोने के शक में गांव के ही कुछ दबंगों ने एक युवक को पहले कमरे में बंद किया और फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया। घटना सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब विशाल बैगा पिता धन्नू बैगा को गांव के ही भल्लू, सुरेन्दा, गुड्डा, गिरजा, नन्नी और जामवती ने पकड़ लिया और उसे जबरन एक कमरे में बंद कर दिया। आरोप है कि सभी हमलावर पीड़ित के ही पड़ोसी हैं। उन्होंने अंधविश्वास और जादू-टोने के शक में विशाल पर निर्ममता से हमला किया। विशाल को लाठी-डंडों से इतना मारा गया कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर में गहरी चोट आई हैं।
इस घटना में विशाल की पत्नी रेशमा बैगा भी बीच-बचाव के दौरान हमलावरों की दरिंदगी से नहीं बच सकी। रेशमा ने बताया कि जब वह अपने पति को बचाने पहुंची, तो आरोपियों ने उसे भी पीट-पीटकर घायल कर दिया। घटना की सूचना ग्रामीणों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को दी, जिसके बाद घायल दंपती को जिला अस्पताल लाया गया। विशाल की हालत बेहद गंभीर है और वह बेहोशी की हालत में भर्ती है। यह घटना जिला मुख्यालय से महज 7-8 किलोमीटर की दूरी पर घटी है। पीड़ितों के मुताबिक उन्हें किसी तरह की पूर्व दुश्मनी नहीं थी, लेकिन आरोपियों ने जादू-टोने के संदेह मात्र पर यह जघन्य कृत्य कर डाला। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। वहीं पीड़ित परिवार ने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों में कड़ी सजा नहीं दी गई, तो अंधविश्वास के नाम पर हिंसा का यह सिलसिला थमता नहीं दिखाई देता।

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