एनएमडीसी लिमिटेड की 995 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर उपजे विवाद ने आखिरकार समाधान की राह पकड़ ली है। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर बीते 26 जून से संयुक्त पंचायत दंतेवाड़ा के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को खत्म हो गया।
आंदोलन की समाप्ति प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप और विधायक चैतराम अटामी के हस्तक्षेप के बाद संभव हो सकी।गौरतलब है कि तीनों जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन और एनएमडीसी प्रबंधन से बैठक कर यह भरोसा दिलाया कि स्थानीय युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
इसके बाद भाजपा के जिला अध्यक्ष संतोष गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम, बचेली नगर पालिका अध्यक्ष राजू जायसवाल, पार्षदगण, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधियों ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलनकारियों से संवाद किया। सभी ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनके हक में ठोस निर्णय लिए जाएंगे। एनएमडीसी प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से युवाओं को लिखित आश्वासन दिया गया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
अब निगाहें एनएमडीसी के फैसले पर
यह घटनाक्रम एक बार फिर यह साबित करता है कि स्थानीय युवाओं की आवाज को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता ने बेरोजगारों की लड़ाई को दिशा दी है। अब पूरा क्षेत्र एनएमडीसी के अगले कदम का इंतजार कररहा है।

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